
Officer's Village: दिल्ली से 800 KM दूर इस गांव के हर घर में हैं सरकारी अफसर, जो नहीं बन पाए वो अमेरिका और मलेशिया में इंजीनियर-डॉक्टर
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Officers' Village: अधिकारियों के गांव के नाम से मशहूर पड़ियाल में लोग सिर्फ अफसर बनने का सपना देखते हैं. साथ ही यहां के युवा अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में कोई इंजीनियर हैं, तो कोई बिजनेस कर रहा है.
मध्य प्रदेश के मालवा अंचल का एक गांव है- पड़ियाल. इस गांव की आबादी 5 हजार 500 और अब तक 100 से अधिक अधिकारी बन चुके हैं. जो देश-प्रदेश सहित आसपास के राज्यों में सेवारत हैं. इस गांव के हर घर में औसत एक सरकारी कर्मचारी भी हैं, जिनकी संख्या 300 है. यहां के युवकों में प्रतियोगी परीक्षाओं में आने की होड़ आजादी के समय से ही शुरू हो गई थी. इतना ही नहीं, आजादी के बाद हुए विधानसभा चुनाव में यहां के बापू सिंह अलावा कुक्षी विधानसभा के पहले विधायक रहे.
यह गांव धार जिले के डही विकासखंड के अंतर्गत आता है. जहां साक्षरता दर 90 प्रतिशत है. अधिकारियों के गांव के नाम से मशहूर पड़ियाल में लोग सिर्फ अफसर बनने का सपना देखते हैं. साथ ही यहां के युवा अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में कोई इंजीनियर हैं, तो कोई बिजनेस कर रहा है. गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल में 23 टीचर, 702 विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं.
गांव का सामाजिक ताना-बाना शिक्षा पर है केंद्रित
इस क्षेत्र में लंबे समय से बीआरसी के पद पर कार्य कर रहे मनोज दुबे ने शिक्षा की बेहतरी के लिए कई कार्य किए हैं. नतीजतन यहां शिक्षा की दर काफी ऊंची है. उन्होंने बताया कि गांव के 12 अधिकारी सेवानिवृत्त होकर जन-सेवा के कार्य कर रहे है. वर्तमान में अध्ययन कर रहे युवा बड़ों से प्रेरणा पाकर उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं. गांव का सामाजिक ताना-बुना शिक्षा पर केंद्रित रहता है.
बीआरसी दुबे के मुताबिक, पड़ियाल में कक्षा 6 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में स्मार्ट क्लासेस शुरू की गई है. इस साल NEET में यहां के 4 विद्यार्थी, जबकि JEE Main में 3 विद्यार्थी चयनित होकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं.
इनसे जाना जाता है गांव

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