
NEET UG की शुचिता भंग, इन 5 बड़े सवालों में उलझा NTA, जवाबों से छात्रों का माथा घूमा!
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NEET Result Controversy 2024: एनटीए महानिदेशक का कहना है कि हमने सभी चीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया है और परिणाम जारी किए हैं. 4750 केंद्रों में से यह समस्या 6 केंद्रों तक सीमित है और 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों को इस समस्या का सामना करना पड़ा है. पूरे देश में इस परीक्षा की अखंडता से समझौता नहीं किया गया. कोई पेपर लीक नहीं हुआ. पूरी परीक्षा प्रक्रिया बहुत पारदर्शी रही है.
NEET Result Controversy: नीट रिजल्ट का विरोध पांचवें दिन भी जारी है. भीषण गर्मी में हजारों की तादाद में स्टूडेंट्स देशभर के अलग-अलग हिस्सों में नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर Re-NEET की मांग कर रहे हैं. देश के भावी डॉक्टर सड़कों पर हैं, पेरेंट्स और कोचिंग टीचर्स के साथ विपक्ष भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के जरिये कहा था कि सरकार लाखों छात्रों की आवाज को अनसुना क्यों कर रही है. वहीं सपा प्रमुख ने अपने 'एक्स' (पहले ट्विटर) अकाउंट पर इसे सरकार की नाकामयाबियों में से एक कहा है. DU-JNU के छात्र संगठन SFI, AISA, NSUI समेत ABVP भी इस आंदोलन में उम्मीदवारों के पक्ष में खड़ा है.
वहीं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) लगातार अपनी गलती मानने से इनकार कर रही है. एनटीए का कहना है कि नीट रिजल्ट में कोई गडबड़ी नहीं हुई है, कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लोस ऑफ टाइम की वजह से कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं. उम्मीदवारों के भारी प्रदर्शन के बावजूद एनटीए के महानिदेशन सुबोध कुमार ने री-नीट एग्जाम से साफ इनकार कर दिया है. हालांकि एनटीए ने एक कमेटी का गठन किया है जो केवल 6 एग्जाम सेंटर्स पर आयोजित हुई नीट परीक्षा में बैठने वाले 1563 उम्मीदवारों के रिजल्ट पर विचार-विमर्श करेगी और जरूरत पड़ी तो केवल इन्हीं छात्रों का नीट एग्जाम फिर से आयोजित हो सकता है. एनटीए महानिदेशक का कहना है कि हमने सभी चीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया है और परिणाम जारी किए हैं. 4750 केंद्रों में से यह समस्या 6 केंद्रों तक सीमित है और 24 लाख छात्रों में से केवल 1563 छात्रों को इस समस्या का सामना करना पड़ा है. पूरे देश में इस परीक्षा की अखंडता से समझौता नहीं किया गया. कोई पेपर लीक नहीं हुआ. पूरी परीक्षा प्रक्रिया बहुत पारदर्शी रही है.
नीट रिजल्ट पर एनटीए की सफाई से न तो कैंडिडेट्स संतुष्ट हैं और न ही एक्सपर्ट्स. कैंडिडेट्स और एक्सपर्ट्स अभी भी एनटीए की सफाई से संतुष्ट नहीं है, वे एजेंसी से 5 बड़े सवाल कर रहे हैं, जो इस प्रकार हैं-
सवाल नंबर 1: नीट पेपर लीक नहीं हुआ तो गिरफ्तारियां क्यों हुईं?
ऐसे बहुत से कैंडिडेट्स हैं, जिन्होंने दावा किया है की नीट का पेपर लीक हुआ था. नीट एग्जाम से पहले ही सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर पेपर वायरल हो रहा था. मगर एनटीए ने पेपर लीक की बात को सिरे से नकार दिया है. इस पर एनटीए ने एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ, एक एग्जाम सेंटर पर हिंदी के बजाय इंग्लिश का पेपर बंट गया था. एनटीए का यह नोटिफिकेशन देखकर कैंडिडेट्स का माथा और घूम गया. उनका कहना है कि अगर नीट का पेपर लीक नहीं हुआ तो बिहार के पटना और नालंदा में पुलिस ने गिरफ्तारियों क्यों कीं. कैंडिडेट्स का दावा है कि पेपर लीक में शामिल लोगों खुद कबूल किया है कि पेपर लीक हुआ था, उन्हें पहले पेपर मिल गया था और आंसर्स रटवाए जा रहे थे.
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