
NEET Paper Leak: EOU ने 9 परीक्षार्थियों को दफ्तर बुलाया, कहा- साक्ष्य समेत आएं, सॉल्वर गैंग के पास मिले थे इन छात्रों के रोल कोड
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नीट पेपर में धांधली की जांच के दौरान बिहार पुलिस की अब तक छानबीन में सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे. पुलिस ने इन 13 परीक्षार्थियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया था, बाकी 9 परीक्षार्थियों को EOU ने नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है.
NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने 9 परीक्षार्थियों को नोटिस भेजा है. और उन्हें साक्ष्य समेत EOU दफ्तर पूछताछ के लिए बुलाया है. बिहार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) वर्तमान में 5 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) के दौरान संभावित पेपर लीक के दावों की जांच कर रही है. ईओयू ने नोटिस भेजकर परीक्षार्थियों को साक्ष्य समेत पूछताछ के लिए बुलाया है. इसके अलावा उनके अभिभावकों को भी EOU ऑफिस बुलाया है. सभी नीट परीक्षार्थी बिहार के अलग अलग जिलों के रहने वाले हैं.
13 में से चार परीक्षार्थी हो चुके गिरफ्तार नीट पेपर में धांधली की जांच के दौरान पुलिस की अब तक छानबीन में सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे जिसमें से चार को पुलिस ने पेपर लीक के समय ही गिरफ्तार कर लिया था, बाकी 9 परीक्षार्थियों के बारे में जानकारी के लिए EOU ने परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी NTA को पत्र लिखा था. साथ ही रेफरेंस नीट क्वेश्चन पेपर की मांग भी की थी.
EOU को एनटीए ने दी संदिग्ध परीक्षार्थियों की जानकारी EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों के मुताबिक, NTA ने अपने जवाब में मांगे गए परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र भेजा था, जिसके जरिये EOU को परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर और पते की जानकारी मिली. इसी पते पर नोटिस भेजकर परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिसके बाद परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों से सॉल्वर गिरोह से उनके जुड़ाव के बारे में सवाल किया जाएगा. यह भी पूछा जाएगा कि इन नौ परीक्षार्थियों को भी सॉल्वर गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र रटवाए थे या नहीं.
नीट मामले में BPSC TRE 3.O पेपर लीक वाले गिरोह की आशंका बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की जांच से संकेत मिलता है कि यह वही गिरोह है, जो बीपीएससी टीआरई 3.0 से संबंधित प्रश्न पत्र लीक करने में शामिल था. पेपर के 30 से 32 लाख रुपये लिए गए, अभ्यर्थियों को सेफहाउस में उत्तर देने के लिए कहा गया, जहां से उन्हें एस्कॉर्ट के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया.
शिक्षा मंत्री बोले- गलती मिली, तो बिना छूट होगी कार्रवाई! वहीं पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि NEET परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत परीक्षार्थियों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है. मैं परीक्षार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी बच्चे के करियर के साथ खिलवाड़ नहीं होगा. इस मामले से जुड़े तथ्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, सरकार उसे पूरा करेगी. NEET की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और अब इस दिशा में भ्रमित हुए बिना आगे बढ़ने की आवश्यकता है. प्रधान ने पेपर लीक के दावों का खंडन किया था, लेकिन जोर देकर कहा कि अगर किसी भी गलत काम की पुष्टि होती है, तो बिना किसी छूट के उचित कार्रवाई की जाएगी.'
पुलिस को मिले थे जले हुए क्वेश्चन पेपर बता दें कि नीट स्टूडेंट्स परीक्षा के बाद से बिहार के पटना और नालंदा में पेपर लीक का दावा कर रहे हैं. छात्रों को कहना है कि नीट का पेपर टेलीग्राम पर वायरल हो गया था और कुछ छात्रों को पेपर रटवाया जा रहा था. NEET पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अभी तक इसकी गंभीरता से जांच नहीं हुई थी. पुलिस को NEET के जले हुए प्रश्नपत्र मिले थे.

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