
9 साल पुराने ‘फ्लाइंग किस’ कांड में कोर्ट का फैसला, नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को मिली 3 साल की सजा
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मुंबई की विशेष अदालत ने 9 साल पुराने मामले में नाबालिग लड़की को फ्लाइंग किस देने और पीछा करने के आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है. साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने आरोपी के इस कृत्य को यौन उत्पीड़न करार दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.
मुंबई की अदालत ने 9 साल पुराने छेड़छाड़ के एक मामले आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई है. दरअसल, आरोपी ने हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम के दौरान एक 16 वर्षीय लड़की को फ्लाइंग किस दी थी, जो अब उसे भारी पड़ गई. पीड़िता ने बाद में बताया कि आरोपी ने उसका पीछा भी किया था और हाथ पकड़कर खींचा था. परिवार की शिकायत पर मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी सुनवाई चली. अब विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई है.
9 साल बाद मिला इंसाफ यह मामला मुंबई का है, जहां 9 साल पहले हुए एक छोटे से दिखने वाले लेकिन गंभीर कृत्य ने आखिरकार सजा का रूप ले लिया. साल 2017 में एक ‘हल्दी-कुमकुम’ कार्यक्रम के दौरान एक 16 वर्षीय लड़की को उसके पड़ोसी युवक ने फ्लाइंग किस दी थी. उस वक्त आरोपी की उम्र 19 साल थी. घटना के बाद यह बात तुरंत परिवार तक नहीं पहुंची. लेकिन पड़ोस में हुई इस हरकत ने लड़की और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. अब 9 साल बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है.
ट्यूशन जाते समय पकड़ा था हाथ लड़की ने बाद में अपनी मां को बताया कि फ्लाइंग किस की घटना से कुछ दिन पहले भी आरोपी ने उसके साथ गलत हरकत की थी. जब वह ट्यूशन के लिए जा रही थी, तब आरोपी पीछे से आया. उसने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी ओर खींचने की कोशिश की. लड़की डर गई थी और उसने उस समय यह बात अपने माता-पिता को नहीं बताई. वह अंदर ही अंदर सहमी रही. लेकिन हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम के दिन की घटना के बाद सच सामने आया.
पड़ोसी ने दी थी जानकारी 31 जनवरी 2017 को हुए कार्यक्रम के बाद एक पड़ोसी ने लड़की की मां को बताया कि आरोपी ने उनकी बेटी को फ्लाइंग किस दी है. यह सुनकर मां ने बेटी से पूछताछ की. तब लड़की ने पूरी बात बताई. फरवरी 2017 के मध्य तक परिवार को स्टॉकिंग और छेड़छाड़ की पूरी जानकारी मिल चुकी थी. इसके बाद लड़की के पिता ने आरोपी और उसकी मां को घर बुलाकर समझाने की कोशिश की कि वह उनकी बेटी से दूर रहे.
ऐसे दर्ज हुई थी FIR जब लड़की के पिता ने आरोपी को समझाया, तो आरोपी और उसके परिवार ने उल्टा उन्हें और उनके परिवार को गालियां दीं. बात यहीं नहीं रुकी. स्थिति बिगड़ने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई.
अदालत में बचाव की कोशिश अदालत में आरोपी की ओर से वकील संतोष पगारे ने दलील दी कि आरोपी ने डांस करते समय फ्लाइंग किस का इशारा किया था. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यह हरकत जानबूझकर नहीं थी. लेकिन पीड़िता ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि इस तरह का सुझाव देकर आरोपी ने अप्रत्यक्ष रूप से फ्लाइंग किस देने की बात स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने साफ कहा कि फ्लाइंग किस देना एक यौन इशारा है, जो पीड़िता की गरिमा का उल्लंघन करता है और यह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है.

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