
ट्यूशन टीचर ने 8वीं की छात्रा को मारे 40 डंडे, हाथ में सूजन, पहाड़ा याद ना करने की दी सजा
AajTak
नवी मुंबई के गोठीवली गांव में आठवीं की छात्रा को पहाड़ा याद न करने पर ट्यूशन टीचर ने बेरहमी से पीट दिया. लकड़ी की स्टिक से हाथ पर कई वार किए गए, जिससे सूजन और निशान पड़ गए. छात्रा की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. बाल संरक्षण विभाग ने भी जांच शुरू की है.
नवी मुंबई के गोठीवली गांव में एक ट्यूशन शिक्षक पर आठवीं कक्षा की छात्रा को बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि छात्रा ने पहाड़े याद नहीं किए थे, जिससे नाराज होकर शिक्षक ने उसे लकड़ी की स्टिक से कई बार मारा. इस घटना के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है.
जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक का नाम रूपाली थवी बताया गया है. छात्रा पिछले पांच वर्षों से इसी ट्यूशन में पढ़ने जाती थी. आरोप है कि शिक्षक ने बच्चों को पहाड़े याद करने के लिए कहा था. जब छात्रा पहाड़ा नहीं सुना पाई तो उसे सजा के तौर पर हाथ पर करीब 20 बार स्टिक से मारा गया.
पहाड़ा याद न होने पर छात्रा को मिली बेरहमी सजा
इस मारपीट में छात्रा के हाथ पर सूजन आ गई और लाल निशान पड़ गए. बच्ची को तेज दर्द होने लगा. परिजनों ने बच्ची का एक्सरे भी करवाया, हालांकि हाथ में किसी प्रकार का फ्रैक्चर नहीं पाया गया है.
पीड़ित छात्रा की मां पूनम वडके ने इस संबंध में रबाले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक ने बच्ची को कठोर सजा दी और जब परिवार ने सवाल किया तो शिक्षक ने कहा कि बच्ची पढ़ाई नहीं करती. साथ ही यह भी कहा गया कि यदि परेशानी है तो बच्ची को दूसरी ट्यूशन में भेज दें.
बाल संरक्षण विभाग भी सक्रिय, कानून के तहत कार्रवाई संभव

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.






