
Navpancham Rajyog 2026: बुध बनाने वाले हैं शक्तिशाली नवपंचम राजयोग, 3 राशियों को खूब मिलेगा पैसा
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Navpancham Rajyog 2026: जब नवपंचम राजयोग में गुरु और बुध जैसे शुभ ग्रह शामिल होते हैं, तो इसका प्रभाव और भी शक्तिशाली हो जाता है. गुरु ज्ञान, विस्तार और भाग्य का प्रतीक है, वहीं बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है. इन दोनों ग्रहों के नवपंचम संबंध से व्यक्ति को सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता मिलती है .
Navpancham Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनके आपसी संबंधों का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव माना जाता है.जब दो शुभ ग्रह विशेष कोण पर आकर एक-दूसरे से मिलते हैं, तो उससे बनने वाले योग जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति के संकेत देते हैं. साल 2026 में ऐसा ही एक दुर्लभ और प्रभावशाली योग बनने जा रहा है, जिसे नवपंचम राजयोग कहा जाता है.यह योग देवगुरु बृहस्पति और ग्रहों के राजकुमार बुध के संयोग से बनेगा.
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को सुबह 2 बजकर 59 मिनट पर गुरु और बुध एक-दूसरे से 120 डिग्री (नवपंचम भाव संबंध) में स्थित होंगे.इस समय गुरु मिथुन राशि में विराजमान होंगे, जबकि बुध कुंभ राशि में गोचर कर रहे होंगे.खास बात यह है कि कुंभ राशि में बुध की युति सूर्य, शुक्र और राहु के साथ भी होगी, जिससे इस योग की शक्ति और अधिक बढ़ जाएगी.
इस समय गुरु की गति अतिचारी है, यानी वे सामान्य से तेज चल रहे हैं.इसी कारण वर्ष 2026 में गुरु तीन बार राशि परिवर्तन करेंगे, जो अपने आप में एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है.वर्तमान में गुरु मिथुन राशि में हैं, 2 जून 2026 तक यहीं रहने वाले हैं. इसी अवधि में बना नवपंचम राजयोग सभी 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी रूप में प्रभाव डालेगा.
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु-बुध का नवपंचम राजयोग विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है. इस राशि के लिए गुरु चतुर्थ भाव में और बुध बारहवें भाव में गोचर कर रहे होंगे. इससे विदेश यात्रा, विदेशी संपर्कों, आयात-निर्यात, आध्यात्मिक उन्नति और गुप्त लाभ के योग बन सकते हैं. जो लोग रिसर्च, शिक्षा, अध्यात्म या मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें खास सफलता मिल सकती है.खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन वे खर्च भविष्य में लाभ देने वाले साबित होंगे.
कर्क राशि

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