
MP: सहायक शिक्षक निकला 35 से अधिक कॉलेजों का मालिक, EOW ने मारा छापा
AajTak
मध्य प्रदेश के ग्वालियर (MP Gwalior) में एक सहायक शिक्षक करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला है. यह खुलासा तब हुआ, जब इकोनॉमिक ऑफेंस विंग यानी (EOW) ने छापेमार कार्रवाई की. इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने सहायक शिक्षक के आलीशान घर पर छापा मारा, जहां से लाखों की नकदी व तमाम पैनकार्ड मिले हैं. मामले की जांच की जा रही है.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर (MP Gwalior) में करोड़पति सहायक शिक्षक के निवास पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. बता दें कि प्रशांत परमार नामक सहायक शिक्षक के 35 से ज्यादा कॉलेज हैं. ईओडब्ल्यू ने प्रशांत परमार के आलीशान घर से लाखों की नकदी और ढेरों पैनकार्ड (PAN CARD) जब्त किए हैं. इस मामले में ईओडब्ल्यू गहनता से जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के ग्वालियर (MP Gwalior) जिले के घाटीगांव ब्लॉक में सरकारी स्कूल में पदस्थ एक सहायक शिक्षक के पैंतीस से ज्यादा कॉलेज होने का मामला सामने आया है. ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, सत्यम टॉवर में रह रहे सहायक शिक्षक प्रशांत परमार ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है.
ग्वालियर में 4 आलीशान दफ्तर और मैरिज गार्डन
शहर में सहायक शिक्षक प्रशांत परमार के चार आलीशान ऑफिस और एक मैरिज गार्डन है. वहीं इसके अलावा बहुत से कॉलेजों में प्रशांत परमार की पार्टनरशिप बताई जा रही है. टीआई ईओडब्ल्यू ग्वालियर सतीश चतुर्वेदी ने कहा कि सहायक शिक्षक प्रशांत परमार के खिलाफ काफी दिनों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं. इसको लेकर आज ईओडब्ल्यू टीम ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.

देश आज मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मना रहा है. ये त्योहार न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं बल्कि इनका समाज और राजनीति पर भी गहरा प्रभाव है. इस वीडियो में हम बात करते हैं कि क्या 2026 की चुनावी क्रांति मकर संक्रांति से शुरू हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोंगल मनाने केंद्रीय मंत्री एल मुुरुगन के घर पहुंचे और तमिलनाडु के इस त्योहार को ग्लोबल फेस्टिवल बताया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पतंगबाजी की तस्वीरें भी चर्चा में हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लोगों की आवाज दबाने के आरोपों के जवाब में बीजेपी ने पलटवार किया है.

आज का दंगल पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर हो रही सियासत पर है. 8 जनवरी को ईडी ने कोलकाता में आईपैक प्रमुख के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी. ईडी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने छापे में बरामद सारे दस्तावेज ये कहकर छीन लिये थे कि ये उनकी पार्टी के सीक्रेट्स हैं. ईडी ने कोर्ट में भी यही अर्जी दी कि ममता ने जांच से जुड़े सबूत छीन लिए. उनकी सीबीआई जांचं की जाए. ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से किसी तीसरे शख्स ने खुद को अधिकृत बताते हुए अर्जी दी की कि ईडी ने जो जब्ती की है उसमें टीएमसी के सीक्रेट्स हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए.

अमृतसर में एक बार फिर 10 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है. ई-मेल में राष्ट्रीय गान को लेकर भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसएसपी देहाती सुहैल मीर के अनुसार स्कूलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर पहलू से जांच जारी है.

पुलिस ने इमामों और धार्मिक संस्थानों से निजी और आर्थिक जानकारी मांगी है जिसे धार्मिक आजादी और सुरक्षा नीति के संदर्भ में विवादित माना जा रहा है. राजनीतिक नेताओं ने इसे मुसलमानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सामूहिक संदेह की नीति बताया है. ये मामला घाटी में धार्मिक आजादी, भरोसे और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.









