
Make In India: भारत बनेगा इलेक्ट्रिक व्हीकल का मैन्युफैक्चरिंग हब, ये प्लांट बना रही सबसे बड़ी कार कंपनी
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टोयोटा मोटर कॉर्प भारत में मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी में है. कंपनी इस हब में ई-ड्राइव यानी इलेक्ट्रिक पावरट्रेन बनाएगी, जिसका इस्तेमाल बैटरी ईवी, प्लग-इन हाइब्रिड और अन्य हाइब्रिड मॉडलों समेत अलग-अलग प्रकार के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में किया जाता है.
दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी टोयोटा मोटर कॉर्प (Toyota Motor Corp) भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल के कल-पुर्जों (EV Parts) का मैन्युफैक्चरिंग हब (Manufacturing Hub) बनाने जा रही है. इससे न सिर्फ मोदी सरकार के 'मेक इन इंडिया (Make In India)' इनिशिएटिव को सपोर्ट मिलेगा, बल्कि अरबों रुपये का इन्वेस्टमेंट (Investment) भी आएगा. कंपनी इस हब से स्थानीय डिमांड (Local Demand) को पूरा करेगी और इसके साथ ही जापान (Japan) व कई आसियान (ASEAN) देशों को एक्सपोर्ट भी करेगी.
भारत में बनेंगे इन कारों के कल-पुर्जे
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कंपनी के एक्सीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी के हवाले से कहा गया है कि टोयोटा मोटर कॉर्प भारत में मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी में है. कंपनी इस हब में ई-ड्राइव (E-Drive) यानी इलेक्ट्रिक पावरट्रेन (Electric Powertrain) बनाएगी, जिसका इस्तेमाल बैटरी ईवी (Battery EV), प्लग-इन हाइब्रिड (Plug-In Hybrid) और अन्य हाइब्रिड मॉडलों (Hybrid Models) समेत अलग-अलग प्रकार के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में किया जाता है. उन्होंने कहा, 'कंपनी भारत को क्लीनर टेक्नोलॉजीज के लिए मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है. यह बिल्डिंग ब्लॉक तैयार करने के लिए है.'
अरबों डॉलर का प्रोत्साहन दे रही सरकार
हालांकि गुलाटी ने यह नहीं बताया कि टोयोटा भारत से किन आसियान देशों को एक्सपोर्ट करने की योजना बना रही है. इससे पहले टोयोटा ने कहा था कि वह इलेक्ट्रिक व्हीकल के सप्लाई चेन (EV Supply Chain) को लोकलाइज करने के लिए भारत में 4,800 करोड़ रुपये (621 मिलियन डॉलर) इन्वेस्ट करने वाली है. यह इन्वेस्टमेंट कंपनी के 2050 तक कार्बन न्यूट्रल (Carbon Neutral) बनने की योजना का हिस्सा है. भारत सरकार अभी देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल और इनके कल-पुर्जे बनाने पर अरबों डॉलर का इन्सेन्टिव दे रही है. टोयोटा के इस कदम को सरकारी प्रोत्साहन का फायदा उठाने से भी जोड़ा जा रहा है.
हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने की तैयारी

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ सबसे बड़ी चुनौती उन्हें चार्ज करने की होती है. रेंज एंजायटी जैसे शब्द इसी चिंता से निकले हैं, जहां लोगों को ये डर सताता रहता है कि जाने कब उनकी कार बंद हो जाए और उसे चार्ज कहां करेंगे. इसका निदान चीनी कंपनियां तेजी से खोज रही हैं. एक चीनी कंपनी ने सिर्फ 11 मिनट में फुल चार्ज होने वाली सोडियम-आयन बैटरी तैयार की है.

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