
Maharastra: शराब छुड़ाने के लिए 'बाबा' ने दी जड़ी-बूटी से बनी दवाई... दो युवकों की मौत, दो की हालात गंभीर
AajTak
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में चार लोग गए तो थे शराब की लत छुड़ाने गए थे, लेकिन उनमें से दो युवक जान से ही हाथ धो बैठे. वहीं, दो लोगों की हालात गंभीर बताई जा रही है. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. शराब छुड़ाने का दावा करने वाले तथाकथित एक बाबा ने जड़ी-बूटी से बनी दवाई दी थी.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में शराब की लत छुड़ाने की दवा खाने से दो लोगों की मौत हो गई. वहीं, दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है. बताया जा रहा है कि इन चारों ने शराब छुड़ाने का दावा करने वाले तथाकथित बाबा से शराब छुड़ाने के लिए दवाई ली थी.
दवाई खाने के बाद चारों बेहोश हो गए. मामला चंद्रपुर जिले के भद्रावती तहसील के गुलगांव का है. इस घटना से फिर एक बार ‘नीम हाकिम खतराए जान’ की कहावत सही साबित हो गई. चारों गए तो थे शराब की लत को छुड़ाने, लेकिन बाबा की दवा खाने से उनकी जान पर ही बन आई.
यह भी पढ़ें- पुणे पोर्श कार कांड: दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल
बाबा ने दी थी जड़ी-बूटी से बनी दवा
मृतकों की पहचान 19 साल के सहयोग सदाशिव जीवतोड़े, 26 साल के प्रतीक घनश्याम दडमल के रूप में हुई है. वहीं, 45 साल के सदाशिव पुंजाराम जीवतोड़े और 35 साल के सोमेश्वर उद्धव वाकडे की हालत गंभीर बताई जा रही है. गुलगांव के चारों किसान वर्धा जिले के जाम के पास शेडगांव में शेलके बाबा के पास शराब छुड़ाने की दवा लेने गए थे.
बाबा ने उन्हें अलग अलग जड़ी-बूटियों से बनाई गई शराब छुड़ाने की दवा दी. दवा लेकर चारों अपने गांव वापस लौटे. इस दवा को खाने के बाद इन चारों की हालत बिगड़ने लगी. उन्हें तुरंत इलाज के लिए भद्रावती शहर के एक निजी अस्पताल में लाया गया. सहयोग और प्रतीक दोनों की इलाज के दौरान रात में मौत हो गई. वहीं, अन्य दोनों की हालत गंभीर है.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.






