
Lucky Sign On Palm: हथेली पर ये 6 लकी चिह्न लोगों को बनाते हैं भाग्यशाली, अच्छा टाइम आने का देते हैं संकेत
AajTak
palmistry: हाथ पैरों में बनने वाले चिह्न दो तरह के होते हैं. एक जो हमेशा रहते हैं और दूसरा जो एक निश्चित समय तक ही नजर आते हैं. जो चिह्न हमेशा इंसान के शरीर पर रहते हैं, वो उस व्यक्ति की तमाम खासियतें बताते हैं.
Lucky Sign On Palm: हाथ और पैर हमारी कुंडली की तरह होते हैं. इनमें पाए जाने वाले चिह्न कई प्रकार के योग दर्शाते हैं. हाथ या पैरों में बनने वाले चिह्न दो तरह के होते हैं. एक जो हमेशा रहते हैं और दूसरा जो एक निश्चित समय तक ही नजर आते हैं. जो चिह्न हमेशा इंसान के शरीर पर रहते हैं, वो उस व्यक्ति की तमाम खासियतें बताते हैं. इन चिह्नों की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इनका स्वतंत्र होना जरूरी है.
कैसे दिखते हैं ये चिह्न? वर्ग- आमतौर पर वर्ग हथेली की रेखाओं और पर्वतों पर पाए जाते हैं. यह जहां पर भी हों सुरक्षा ही प्रदान करती हैं, लेकिन शुक्र पर होने पर जेल यात्रा का कारण बनते हैं.
त्रिभुज- त्रिभुज का चिह्न भी हथेली पर कहीं भी पाया जा सकता है. लेकिन यह जिस पर्वत पर भी पाया जाता है, उसके प्रभाव को बढ़ा देता है. स्पष्ट और नियमित त्रिभुजों का हमेशा शुभ प्रभाव होता है.
तारा- तारा हाथ या पैर पर जहां भी हो उस स्थान को नुकसान ही पहुंचाता है. लेकिन सूर्य के पर्वत पर अतीव यश देता है. सूर्य के पर्वत पर तारा जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का संकेत देता है.
वलय- यह निशान हथेली के जिस भी भाग पर होता है, वहां का शुभ प्रभाव रोक देत है. सूर्य पर इसका होना सबसे बुरा माना जाता है. जबकि बृहस्पति पर यह शुभ परिणाम देता है.
तिल- तिल सिर्फ हथेली के बीचों बीच ही अच्छा माना जाता है. हथेली पर अन्य जगह तिल का होना अच्छा नहीं होता है. अगर यह तलवे पर हो तो इंसान को सारी उम्र खूब दौड़-भाग करनी पड़ती है.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

Nikon Z5II review: एक कैमरा खरीदना चाहते हैं और अभी कैमरा यूज में प्रो नहीं हैं, तो आपको कम बजट वाला एक ऑप्शन चुनना चाहिए. ऐसे ही एक कैमरे को हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो शुरुआती बजट में आता है. इसका इस्तेमाल आप फोटो और वीडियो दोनों ही काम में कर सकते हैं. आइए जानते हैं Nikon Z5II की खास बातें.










