
LPG संकट पर सरकार का बड़ा बयान, आपूर्ति के लिए बनाई गई 'स्पेशल कमेटी'
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देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों को सीमित आपूर्ति की जा रही है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच सरकार और तेल कंपनियों ने बड़ा अपडेट दिया है. देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों को सीमित आपूर्ति की जा रही है.
सरकारी तेल कंपनी Bharat Petroleum (BPCL) ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और एलपीजी आयात पर लगी पाबंदियों के कारण सप्लाई को सावधानी से वितरित किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाई जा सके.
कंपनी के अनुसार फिलहाल घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. वहीं होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक क्षेत्रों की मांग का आकलन एक संयुक्त समिति कर रही है.
संयुक्त समिति तय कर रही है गैस आवंटन
BPCL ने बताया कि गैस वितरण को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जिसमें Indian Oil Corporation (IOC) और Hindustan Petroleum (HPCL) के एलपीजी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी शामिल हैं. यह समिति विभिन्न सेक्टरों से आने वाली मांगों की समीक्षा कर रही है और जरूरत और तात्कालिकता के आधार पर गैस सिलेंडरों का आवंटन किया जा रहा है.
आयात प्रभावित, लेकिन सरकार कर रही प्रयास

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है. अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा में 51 प्रतिशत रही. 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत रहा.

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संसद में कौन कितना बोलेगा और क्या बोलेगा, इसका फैसला सत्ताधारी पार्टी नहीं बल्कि स्पीकर करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी विपक्ष की आवाज दबाई नहीं है, जबकि वर्तमान में विपक्षी दलों ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है. उन्होंने 1975 की आपातकाल की घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि उस वक्त विपक्ष की आवाज दबाने का काम हुआ था.

बड़े होटलों के अलावा छोटे दुकानदार भी एलपीजी की कमी से गंभीर रूप से प्रभावित हैं. चंडीगढ़ में साइकिल पर छोले-कुलचे बेचने वाले विक्रेता ने बताया कि गैस की आपूर्ति न होने के कारण उन्हें रोज़मर्रा की कमाई में दिक्कत हो रही है. उनका स्टॉक केवल आज तक चलने वाला बचा है और अगर समस्या इसी तरह बनी रही तो उनका व्यापार या तो ठप हो सकता है या फिर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब दिया. अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है.

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