
ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरान के हमले से हाहाकार, धधक रहा है लाखों लीटर कच्चा तेल
AajTak
ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरानी ड्रोन्स से भयंकर हमला किया गया है. पोर्ट के कम से कम तीन तेल स्टोरेज केंद्रों में आग लग गई है. यहां लाखों लीटर कच्चा तेल जल रहा है. इससे निकलने वाले धुएं ने पूरा आसमान काला कर दिया है.
ओमान के एक पोर्ट पर भीषण हमला हुआ है. ओमान के सलालाह पोर्ट पर बुधवार को बमबारी के बाद स्टोरेज टैंक को भारी नुकसान हुआ है. हमले के बाद क्रूड ऑयल टैंकर से काले धुएं का बादल निकल रहा है और स्टोरेज टैंक धधक रहा है. हमले के बाद सलालाह पोर्ट को खाली करा लिया गया है.
ओमान के दक्षिण-पूर्वी सिरे पर स्थित सलालाह एक बड़ा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब है. पिछले साल सभी छह बर्थ पर अपग्रेड और यार्ड बढ़ाने के बाद इसकी ट्रांसशिपमेंट फैसिलिटी बढ़ गई है.
ओमान के सलालाह पोर्ट पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है. 11 मार्च 2026 को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में पोर्ट के तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया. जिससे बड़े पैमाने पर आग लग गई. ओमानी राज्य मीडिया के अनुसार कई ड्रोन्स को मार गिराया गया, लेकिन कुछ ने ईंधन टैंकों पर हमला किया. हमले के बाद काला धुआं और आग की लपटें फैल गईं. ताजा रिपोर्ट में हमले में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन पोर्ट के दक्षिणी हिस्से में ऑपरेशंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए हैं.
इस हमले को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के जवाब में देखा जा रहा है, जहां ईरान गल्फ क्षेत्र की ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लक्ष्य बना रहा है. सलालाह अरब सागर का प्रमुख कंटेनर हब है और हॉर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाली महत्वपूर्ण ट्रेड रूट पर स्थित है.
इस हमले से पहले से ही डंवाडोल वैश्विक तेल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, क्योंकि पोर्ट से तेल निर्यात बाधित हुआ है. ओमानी अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं, और आग बुझाने के प्रयास जारी हैं.
सोशल मीडिया वीडियो से पता चलता है कि आग अभी भी नियंत्रण में नहीं आई है, और धुआं मीलों तक फैला हुआ है.

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है. अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा में 51 प्रतिशत रही. 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत रहा.

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संसद में कौन कितना बोलेगा और क्या बोलेगा, इसका फैसला सत्ताधारी पार्टी नहीं बल्कि स्पीकर करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी विपक्ष की आवाज दबाई नहीं है, जबकि वर्तमान में विपक्षी दलों ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है. उन्होंने 1975 की आपातकाल की घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि उस वक्त विपक्ष की आवाज दबाने का काम हुआ था.

बड़े होटलों के अलावा छोटे दुकानदार भी एलपीजी की कमी से गंभीर रूप से प्रभावित हैं. चंडीगढ़ में साइकिल पर छोले-कुलचे बेचने वाले विक्रेता ने बताया कि गैस की आपूर्ति न होने के कारण उन्हें रोज़मर्रा की कमाई में दिक्कत हो रही है. उनका स्टॉक केवल आज तक चलने वाला बचा है और अगर समस्या इसी तरह बनी रही तो उनका व्यापार या तो ठप हो सकता है या फिर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब दिया. अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अफसोसजनक है. स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उनको चेयर तक लेकर गए थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है.

गुरुग्राम में महज 3000 रुपये के विवाद ने एक 17 साल के युवक की जान ले ली. सेक्टर-14 इलाके में हुए इस मामले में आरोपी ने चाकू से हमला कर युवक की हत्या कर दी. मृतक अपने परिवार का सहारा बनने के लिए कार शोरूम में काम करता था. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है.

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक परिस्थितियों में उत्पन्न बदलावों का असर अब चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की रसोई पर साफ दिखाई दे रहा है. चंडीगढ़ और ज़ीरकपुर की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो इस संकट की गवाही देती हैं. इस स्थिति ने स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों को प्रभावित किया है और गैस की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. देखें रिपोर्ट.

ईरान में चल रहे युद्ध संकट को लेकर प्रधानमंत्री ने केरलम के एर्नाकुलम में एक रैली के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. इस वैश्विक संकट के समय भी कांग्रेस राजनीतिक फायदे के लिए मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है. प्रधानमंत्री ने इस दौरान संकट की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में देश को एकजुट होना चाहिए.






