
Lenskart IPO में आपको पैसा लगाना चाहिए या नहीं? सोशल मीडिया में जबर्दस्त चर्चा
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Lenskart IPO को लोग इग्नोर नहीं कर पा रहे हैं, सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है, एक्सपर्ट्स दो खेमे में बंटे हुए नजर आ रहे हैं, पहला खेमा है, जो Lenskart Solutions की खूबियां गिना रहे हैं, दूसरा खेमा इस आईपीओ से दूरी बनाने की सलाह दे रहा है.
Lenskart Solutions अब नया नाम नहीं है, अधिकतर लोग इस कंपनी के बारे में जानते हैं, चश्मे बनाने वाली देश की ये मशहूर कंपनी है. हर बड़े शहरों ने आपको Lenskart के आउटलेट मिल जाएंगे. फिलहाल कंपनी अपने आईपीओ को लेकर चर्चा में है.
Lenskart के आईपीओ का साइज बड़ा है, आईपीओ 31 अक्टूबर को खुला है और 4 नवंबर को बंद हो जाएगा. तमाम निवेशक इस IPO को लेकर कंफ्यूज हैं, हमारे दफ्तार में भी कई ऐसे लोग हैं, जो जानना चाहते हैं कि इस IPO में दांव लगाया जाए, या फिर इग्नोर करें.
Lenskart IPO को लेकर जबर्दस्त चर्चा
हकीकत में लोग IPO को लोग इग्नोर नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है, एक्सपर्ट्स दो खेमे में बंटे हुए नजर आ रहे हैं, पहला खेमा है, जो Lenskart Solutions की खूबियां गिना रहे हैं, उनका कहना है कि भारत का नामी ऑप्टिकल ब्रांड है, कंपनी खुद मैन्युफैक्चरिंग और सेलिंग करती है.
कंपनी का कहना है कि वे 'AI, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन' बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है. वहीं एंकर इंवेस्टर्स में बड़े-बड़े निवेशक शामिल हैं. कारोबार भी ठीक है, और सस्ते से लेकर महंगे चश्मे मिल जाते हैं, युवाओं में इसके प्रोडक्ट्स को लेकर खासा क्रेज है.
दूसरा खेमा जो है, वो भी सोशल मीडिया पर सक्रिय है, जिसे पढ़कर निवेशक दुविधा में हैं, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी महंगे वैल्यूवेएशन पर आईपीओ लेकर आई है, सोशल पोस्ट में कहा गया कि कंपनी का P/E अनुपात ((230×), जो बहुत ऊंचा है, इसे एक जोखिम की तरह देखा जाना चाहिए.

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