
Kanpur: नींबू के महंगा होने से बागों में बढ़ीं चोरियां, लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर पहरेदारी कर रहे किसान
AajTak
Kanpur: नींबू के महंगा होने से नींबू के बागों में चोरी की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. नौबत ऐसी है कि किसानों को लाठी-कुल्हाड़ी लेकर दिन-रात नींबुओं की रखवाली करनी पड़ रही है.
UP News: नींबू की कीमतें इन दिनों आसमान छू रही हैं. नींबू की महंगाई से कानपुर में किसानों की नींद की तो मानों जैसे शामत आ गई है. क्योंकि नींबू के महंगा होने से नींबू के बागों में चोरी की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. अब नौबत ऐसी है कि किसानों को मजबूरन लाठी-कुल्हाड़ी लेकर दिन-रात नींबुओं की रखवाली करनी पड़ रही है. हालांकि, नींबू चोरी की अभी तक कोई एफआईआर तो कानपुर में दर्ज नहीं हुई है. लेकिन जब नींबू के एक बाग की हकीकत जानने के लिए दौरा किया तो किसानों को वहां लाठी-डडें और कुल्हाड़ी के साथ पहरेदारी करते पाया. ये किसान उन नींबुओं की रखवाली में लगे हैं, जिनकी महंगाई ने देश में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
आलम यह है कि किसानों की ओर से पहरेदारी रात-दिन चौबीस घंटे हो रही है. तब जाकर वो बागों में नींबू चोरी होने से बच पा रहे हैं. कानपुर में नीबू के बागों से वैसे तो नींबुओं की तुड़ाई पहले ही हो चुकी है. पेड़ों पर थोड़े बहुत जो नीबू बचे हैं. उनको भी आसपास के चोर चुरा ले जाते हैं. यही कारण है ये किसान लाठी-डंडा और कुल्हाड़ी लेकर चारों तरफ से नींबू के बगीचे में पहरेदारी कर रहे हैं.
गौरतलब है कि शाहजहांपुर में मंगलवार को एक सब्जी वाले की दुकान में चोरी हुई थी. यहां चोरों ने सब्जी वाले के गोदाम से 50 किलो नींबू पर हाथ साफ कर दिया था. दुकानदार का कहना है कि नींबू चोरी होने से उसे 10,000 रुपये का नुकसान हुआ था.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








