
Kanhaiya Kumar Joins Congress: कांग्रेस के लिए कितने अहम हैं कन्हैया कुमार, क्यों आए साथ?
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कन्हैया कुमार को पता था कि उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा सीपीआई में रहते हुए पूरी नहीं हो सकती इसीलिए उन्होंने देश की सबसे पुरानी पार्टी में शामिल होने का विकल्प चुना. बिहार में कांग्रेस के पास कोई भी युवा चेहरा नहीं है.
कांग्रेस के लिए मंगलवार का दिन मंगल के साथ ही एक अमंगल खबर लेकर भी आया. दोपहर में नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे से 10 जनपथ में हड़कंप मच गया. पंजाब से जैसे ही नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे की खबर आई, 10 जनपथ में मायूसी छा गई. वहां मौजूद हर कोई हैरान था. नेता से लेकर कार्यकर्ता तक बस यही कह रहे थे कि सिद्धू अब क्यों नाराज हो गए. कांग्रेस दफ्तर में शाम को थोड़ी रौनक आई जब कन्हैया कुमार ने पार्टी का दामन थाम लिया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









