
JNU Violence: कैसे शुरू हुआ झगड़ा, किसने की पहले मारपीट...एसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
AajTak
जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में हुए झगड़े की वजह को तलाशने के लिए एसीपी स्तर के एक अधिकारी की देखरेख में टीम बनाई जाएगी. इस टीम में महिला अधिकारी भी शामिल होंगी.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कावेरी हॉस्टल में हुए झगड़े की वजह को तलाशने के लिए एसीपी स्तर के एक अधिकारी की देखरेख में टीम बनाई जाएगी. इस टीम में महिला अधिकारी भी शामिल होंगी. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की है.
पुलिस को सबसे पहली पीसीआर कॉल रात के 8:15 पर मिली. यह कॉल कावेरी हॉस्टल में झगड़े की थी. पुलिस का कहना है कि कॉल मिलने के 5 मिनट के अंदर पुलिस की एक वैन मौके पर पहुंच गई. इस कॉल के बाद दिल्ली पुलिस को कई पीसीआर कॉल मिली और उसके बाद मौके पर पीसीआर के अलावा थाने की पुलिस और आला अधिकारी भी पहुंच गए.
मौके पर पहुंची पुलिस को दो अलग-अलग ग्रुप के छात्र मिले. लेफ्ट विंग के छात्रों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी संगठन के छात्र उन्हें नॉनवेज नहीं खाने दे रहे. जबकि एबीवीपी संगठन के छात्रों का कहना था कि लेफ्ट के छात्रों को उनके पूजा करने से दिक्कत हो रही है. दोनों छात्र संगठनों की तरफ से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी गई और दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली.
बताया जा रहा है कि अब तक दिल्ली पुलिस को दस अलग-अलग छात्रों ने अपनी शिकायतें दी है. पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत पर अलग से एफआईआर नहीं दर्ज की जाएगी बल्कि जो एफआईआर हुई है बयान दर्ज कर उसी में जोड़ा जाएगा. इसके अलावा 20 से ज्यादा छात्रों ने अपना मेडिकल कराया है और उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है हालांकि सूत्रों की माने तो इनमें से ज्यादातर छात्रों को कोई चोट नहीं लगी है.
जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में तकरीबन 320 छात्र रहते हैं. हॉस्टल में मेस के पीछे रामनवमी के दिन पूजा और हवन का कार्यक्रम रखा गया था. साथ में उसी दिन इफ्तार पार्टी का भी आयोजन किया गया था. झगड़ा शाम करीब साढ़े 7 बजे शुरू हुआ और देखते ही देखते कुछ छात्र हिंसक हो गए और मारपीट शुरू हो गई.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








