
JNU में BBC की बैन डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग, ABVP पर पत्थरबाजी का आरोप, छात्र संघ ने दर्ज कराई शिकायत
AajTak
जेएनयू कैंपस एक बार फिर बवाल का केंद्र बन गया है. छात्रों ने मंगलवार को गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने की घोषणा की थी. हालांकि इस स्क्रीनिंग से पहले छात्रसंघ कार्यालय में बिजली काट दी गई. आरोप है कि इस दौरान पथराव भी हुआ.
जेएनयू में बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर देर रात तक हंगामा जारी रहा. दरअसल भारत सरकार द्वारा बैन की गई डॉक्यूमेंट्री को जेएनयूएसयू ने कैंपस में छात्रों को दिखाया. आरोप है कि इस दौरान ABVP की ओर से पथराव किया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई.
इसको लेकर कई छात्रों ने कैंपस से लेकर वसंत कुंज पुलिस थाने तक मार्च निकाला. जब पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी तो छात्र धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की. देर रात पुलिस ने छात्रों की शिकायत दर्ज की.
Delhi | JNU students protest outside a police station in Vasant Kunj after they marched there claiming stones were pelted during the screening of banned BBC documentary on PM Modi. pic.twitter.com/tYveQpj1yM
JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष ने बताया कि जेएनयू के छात्रों की शिकायत वसंत कुंज थाने में दर्ज हो गई है, जिसके बाद हमने अपना धरना खत्म कर दिया. इसको लेकर आज जेएनयू प्रशासन से भी शिकायत की जाएगी. दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि पथराव की घटना में 25 लोग शामिल थे.
Delhi | We filed a complaint, and police assured us they'll be immediately looking into the incident. We gave the name & details of all the persons involved. As of now, we're calling off the protest. We'll also file a complaint at JNU Proctor office: JNUSU President pic.twitter.com/RGprcOoMvW

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.







