
Janmashtami 2021: श्रीकृष्ण करते थे राधा से प्रेम लेकिन रुक्मणी से क्यों हुई शादी, जानिए रहस्य
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देश भर में आज कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. जब भी कृष्ण का जिक्र होता है तो राधा का नाम जरूर लिया जाता है. जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर जानते हैं कि कृष्ण भगवान और राधा ने प्यार होने के बावजूद भी शादी क्यों नहीं की थी?
देश भर में आज कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. जब भी कृष्ण का जिक्र होता है तो राधा का नाम जरूर लिया जाता है. जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर जानते हैं कि कृष्ण भगवान और राधा ने प्रेम के बावजूद भी शादी क्यों नहीं की थी? जब भी प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. राधा-श्रीकृष्ण के प्रेम को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन कहा जाता है. सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ियां राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी पढ़ती चली आ रही हैं लेकिन जब भी हम राधा-श्रीकृष्ण की प्रेम कहानी सुनते हैं तो मन में यही सवाल आता है कि श्रीकृष्ण ने राधा से विवाह क्यों नहीं किया? इसके पीछे कई तरह की व्याख्याएं दी जाती हैं. आइए जानते हैं उन सभी कहानियों के बारे में. कुछ विद्वानों के मुताबिक, राधा-कृष्ण की कहानी मध्यकाल के अंतिम चरण में भक्ति आंदोलन के बाद लोकप्रिय हुई. उस समय के कवियों ने इस आध्यात्मिक संबंध को एक भौतिक रूप दिया. प्राचीन समय में रुक्मिनी, सत्यभामा, समेथा श्रीकृष्णामसरा प्रचलित थी जिसमें राधा का कोई जिक्र नहीं मिलता है. देवकी पुत्र श्रीकृष्ण कुछ समय तक गोकुल में रहे और उसके बाद वृंदावन चले गए थे.
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