
J-K: आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए सेना और पुलिस चला रही ऑपरेशन
AajTak
सीमा पार से ट्रेंड विदेशी आतंकवादियों को आधुनिक हथियार, गोला-बारूद, नए संचार उपकरण और अन्य युद्ध के सामने मुहैया कराए जा रहे हैं. हाल के दिनों में कई ऑपरेशन चला गए.
भारत के खिलाफ पाकिस्तान के समर्थन से छद्म युद्ध जारी रहने और जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति को बाधित करने के बीच भारतीय सेना ने विदेशी आतंकवादियों को खत्म करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अभियान शुरू किया है. उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह जिलों/क्षेत्रों और उसके बाद कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने वाले और आगे बढ़ने वाले आतंकवादियों को खत्म करने का अभियान शुरू हो गया है. सुरक्षा बलों के सूत्रों ने इंडिया टुडे को यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा, भारतीय सुरक्षा बल अब पूरे जम्मू क्षेत्र को निशाना बना रहे हैं, जहां आतंकवादियों ने अपने पैर पसारने की कोशिश की है और वहां छिपने के लिए ठिकानों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद को फिर से सक्रिय करने में काफी समय और संसाधन खर्च किए हैं, जहां शांति थी. पूरे क्षेत्र में आतंकी ढांचा अभी भी बरकरार है.
सीमा पार से ट्रेंड विदेशी आतंकवादियों को आधुनिक हथियार, गोला-बारूद, नए संचार उपकरण और अन्य युद्ध के सामने मुहैया कराए जा रहे हैं. हाल के दिनों में कई ऑपरेशन चला गए. 26 जून को गंडोह में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया, इसके अलावा 11 जून को चत्तर गली आतंकवादी हमले को सफलतापूर्वक विफल किया गया.
मृत आतंकवादियों से बरामद बड़ी मात्रा में हथियार इसके सबूत हैं कि इन्हें सीमा पार से लाया गया था. सीमा पार से विरोधी एजेंसियों का हाथ होने का पता चलता है. विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए कई उपाय किए गए हैं. इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीएपीएफ के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शामिल है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों के बीच मजबूत खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था स्थापित की गई है. क्षेत्र में स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन में कोई भी नुकसान और व्यवधान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. खुफिया सूचनाओं के लिए स्थानीय लोगों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाया जा रहा है. पीर पंजाल रेंज के उत्तर में कश्मीर क्षेत्र में इसी तरह की खुफिया जानकारी आधारित और क्षेत्र वर्चस्व अभियान जारी हैं.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.







