
ISI एजेंट ने सरकारी बाबू को हनीट्रैप में फंसाया, हासिल कर ली गोपनीय दस्तावेजों की जानकारी
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बिहार के मुजफ्फरपुर (Bihar Muzaffarpur) में पुलिस ने पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को भारत के सरकारी दस्तावेजों की गोपनीय जानकारी देने वाले क्लर्क को अरेस्ट किया है. गिरफ्तार किया गया लिपिक मुजफ्फरपुर के कटरा रजिस्ट्री ऑफिस में तैनात है. पहले वह रक्षा मंत्रालय में लिपिक के पद पर था.
पाकिस्तानी महिला ISI एजेंट के हनीट्रैप में आकर भारत के सरकारी गोपनीय दस्तावेज भेजने के आरोप में मुजफ्फरपुर कटरा रजिस्ट्री कार्यालय के क्लर्क को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी रवि चौरसिया रक्षा मंत्रालय के भारी वाहन निर्माण कारखाना आवाडी चेन्नई में तैनात था. वह वर्तमान में कटरा रजिस्ट्री ऑफिस में क्लर्क है.
बताया जा रहा है कि लिपिक देश की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को शेयर करता था. क्लर्क के पास से मोबाइल के साथ ही मेमोरी कार्ड जब्त किया गया है. इसके साथ ही कई गोपनीय सूचनाओं को सुरक्षित कर लिया गया है.
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब वह भारी वाहन निर्माण कारखाना अवाडी चेन्नई (रक्षा मंत्रालय) में क्लर्क के पद पर कार्य कर रहा था, उस समय उसकी मुलाकात फेसबुक पर एक महिला से हुई. उसने अपना नाम शांदी शर्मा बताया था. उससे बातें होने लगीं और धीरे-धीरे प्यार हो गया.
मोबाइल से रक्षा उपकरणों की भेजीं थीं तस्वीरें
इसके बाद पैसे का लालच भी दिया. इसके लालच में उसे मोबाइल से भारी वाहन निर्माण कारखाना चेन्नई के रक्षा उपकरणों की फोटो उसे भेजीं. इसके बदले में एसबीआई अकाउंट में उसने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए. अब भी वह आईएसआई एजेंट के संपर्क में है.
एसएसपी जयंत कांत ने कहा कि क्लर्क के मोबाइल और मेमोरी कार्ड व गैलरी में कई प्रतिबंधित सूचनाएं हैं. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है. पुलिस ने क्लर्क के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है.

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