
Iran War: वेस्ट एशिया में तनाव लाया भारत के लिए बुरी खबर, अब कैसे साकार होगा 'विकसित भारत' का सपना?
ABP News
West Asia Tensions: नागेश कुमार के मुताबिक, देश की जीडीपी वृद्धि दर को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.
India's GDP Growth: भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है और इस दिशा में तेजी से आगे भी बढ़ रहा है. ऊंचे टैरिफ के बावजूद देश की जीडीपी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है. हालांकि वैश्विक अनिश्चितता भारत की आर्थिक वृद्धि के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. यह कहना है Nagesh Kumar का, जो Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति के सदस्य हैं.
वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच उनका कहना है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निकट भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकता है, हालांकि लंबी अवधि में भारत की विकास गति पर इसका खास असर पड़ने की संभावना नहीं है.
वेस्ट एशिया तनाव का असर
नागेश कुमार के मुताबिक, देश की जीडीपी वृद्धि दर को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. मौजूदा परिस्थितियों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, एक्सपोर्ट में रुकावट और विदेश से आने वाले पैसों पर असर जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं. उन्होंने समाचार एजेंसी Press Trust of India को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में कहा कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, उस क्षेत्र को होने वाले निर्यात में रुकावट आ सकती है और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके द्वारा भेजे जाने वाले धन पर भी असर पड़ सकता है.

Stock Market Crash: लगातार तीसरे दिन लहूलुहान हुआ शेयर बाजार, जानें आखिर क्या है इसके पीछे की वजह...
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से गिरावट का सिलसिला जारी है. 13 मार्च को बीएसई सेंसेक्स 1028.68 अंक तक फिसल गया था. आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?












