
IPO से पहले OLA की बड़ी तैयारी! अब इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा से महिंद्रा-बजाज को देगा टक्कर, जानिए क्या है प्लान
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OLA Electric थ्री-व्हीलर यानी कि ऑटो-रिक्शा को लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी ने अपने इस तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन का नाम भी फाइनल कर दिया है. कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेग्मेंट में 40% मार्केट शेयर पर कब्जा जमाए हुए है, इसके अलावा ओला अपना IPO भी लाने वाला है.
देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी OLA Electric ने हाल ही में घोषणा की थी कि वो अपना IPO लाने वाली है. इससे पहले कंपनी अपने व्हीकल पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए नए सेग्मेंट में भी एंट्री का प्लान बना रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, OLA अब इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर यानी कि ऑटो-रिक्शा को लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी ने अपने इस तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन का नाम भी फाइनल कर दिया है.
ET की रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से बताया गया है कि, OLA के इस इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा को राही (Raahi) नाम दिया गया है, जिसे आने वाले महीनों में लॉन्च किया जा सकता है. बाजार में आने के बाद ये इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर मुख्य रूप से महिंद्रा ट्रियो, पियाजियो ऐप और बजाज आरई जैसे मॉडलों को टक्कर देगा. कंपनी अपनी इस योजना पर पिछले कुछ सालों से काम कर रही है.
तेजी से बढ़ी इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की डिमांड:
सरकार के वाहन पोर्टल के अनुसार, साल 2023 में कुल 5,80,000 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जो कि साल 2022 के मुकाबले तकरीबन 66 फीसदी ज्यादा है. साल 2023 में देश में बेचे गए कुल तिपहिया वाहनों (पेट्रोल-सीएनजी शामिल) में अकेले इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की हिस्सेदारी तकरीबन 50% है. हर छोटे-बड़े शहर में इलेक्ट्रिक रिक्शा की डिमांड बढ़ रही है.
इस सयम बाजार में जो मौजूदा इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर मॉडल हैं उनकी कीमत तकरीबन 2 लाख रुपये से शुरू होकर 3.5 लाख रुपये तक जाती है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ओला अपने नए मॉडल OLA Raahi की क्या कीमत तय करता है. ओला अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों के माध्यम से देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेग्मेंट का सरताज बना हुआ है, कंपनी हर महीने 30 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री कर रही है. इस समय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में ओला की हिस्सेदारी तकरीबन 40% है.
देश की सबसे बड़ी बैटरी सेल गीगाफैक्ट्री:

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












