
International Yoga Day 2023: भारत के इन गुरुओं ने दिलाई योग को पहचान, कोई था डॉक्टर तो कोई टीचर
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International Yoga Day 2023: भारत में योग परंपरा को समृद्ध बनाने में कुछ प्रसिद्ध योग गुरुओं का बड़ा योगदान रहा है. आइए आज आपको भारत के उन योग गुरुओं के बारे में बताएंगे जिनकी मेहनत से भारत को योग गुरु के रूप में भी पहचान मिली.
International Yoga Day 2023: आज दुनिया भर में इंटरनेशनल योगा डे मनाया जा रहा है. योग दिवस का उद्देश्य योग के कई लाभों के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना है. निरोगी जीवन और तंदुरुस्त शरीर के लिए योग बहुत महत्वपूर्ण है. योग हमारे ऋषियों-मुनियों द्वारा विकसित किया गया था. इससे ओवरऑल हेल्थ तो सही होती ही है, साथ ही साथ वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है. भारत के साथ दुनियाभर में योग को मशहूर करने में देश के कुछ योग गुरुओं का भी बड़ा योगदान रहा है. वे योग गुरू कौन-कौन हैं, उनके बारे में जान लीजिए.
परमहंस योगानंद
परमहंस योगानंद अपनी किताब 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी' के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने पश्चिम के लोगों को मेडिटेशन और क्रिया योग से परिचित कराया. इतना ही नहीं, परमहंस योगानंद योग के सबसे पहले और मुख्य गुरू है. उन्होंने अपना ज्यादातर जीवन अमेरिका में गुजारा था.तिरुमलाई कृष्णमचार्य
तिरुमलाई कृष्णमचार्य को 'आधुनिक योग का पिता' कहा जाता है. हठयोग और विन्यास को फिर से जीवित करने का पूरा श्रेय उन्हें ही जाता है. तिरुमलाई कृष्णमचार्य को आयुर्वेद की भी जानकारी थी. इलाज के लिए उनके पास आए लोगों को वो योग और आयुर्वेद की मदद से ही ठीक किया करते थे. उन्होंने मैसूर के महाराजा के राज के समय में पूरे भारत में योग को एक नई पहचान दिलाई थी.
धीरेंद्र ब्रह्मचारी
धीरेंद्र ब्रह्मचारी इंदिरा गांधी के योग टीचर के रूप में जाने जाते हैं. इन्होंने दूरदर्शन चैनल के माध्यम से योग को बढ़ावा देने का काम शुरू किया. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के स्कूलों और योग को विश्वयातन योगाश्रम में योग को शुरू करवाया. उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कई किताबें लिखकर योग को बढ़ावा दिया है. जम्मू में उनका एक आलीशान आश्रम भी है.

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