
Indian Railways: ट्रेन के इंजन वाले डिब्बे में क्या लगाई जाएं यूरिनल्स? 60 हजार लोको पायलट्स से मांगा फीडबैक
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Indian Railways: रेलवे ने लोको पायलट्स से ट्रेन के इंजन में लगाए जाने वाले यूरिनल को लेकर फीडबैक मांगा है. इसके लिए लोकोमोटिव इंजीनियर्स को लोको पायलट्स से बात करने का निर्देश भी दे दिया गया है. फीडबैक के आने के बाद ही रेलवे बोर्ड इस पर कोई निर्णय लेगा.
Indian Railway News: रेलवे ने अपने रनिंग स्टाफ से लोकोमोटिव (ट्रेन इंजन) में लगाए जाने वाले यूरिनल के बारे में फीडबैक मांगा है. दरअसल, स्टाफ द्वारा ट्रेनों को चलाते समय होने वाली दिक्कतों के बारे में शिकायत की गई थी. जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी 17 जोनल के मुख्य विद्युत लोकोमोटिव इंजीनियर्स (सीईएलई) को रनिंग स्टाफ (सहायक लोको पायलट और लोको पायलट) से फीडबैक लेने का आदेश जारी किया है.
फीडबैक के बाद यूरिनल पर बोर्ड लेगा निर्णय
रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, सीईएलई लोको पायलट्स से मोबाइल फोन पर फीडबैक ले रहे हैं. फीडबैक में ये जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या लोको पयलट्स रेलवे द्वारा Urinals को लेकर लाई जा रही नई प्रणाली से संतुष्ट हैं? फीडबैक के आने के बाद ही रेलवे बोर्ड Urinals को लगाने का निर्णय लेगा.
क्या कहते हैं लोको पायलट्स
हालांकि, भारतीय रेलवे लोको रनिंग मेन ऑर्गनाइजेशन, लोको पायलटों का संघ, रेलवे बोर्ड के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. उनका तर्क है कि ट्रेन के इंजन में शौचालय की आवश्यकता है न कि यूरिनल की.
कितनी है लोको पायलट्स की संख्या

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