
India Today Conclave East 2022: ‘बंगाल ज्वालामुखी पर बैठा है, यहां डेमोक्रेसी नहीं’, जगदीप धनखड़ का ममता सरकार पर हमला
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India Today Conclave East 2022: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ज्वालामुखी पर बैठा है और यहां लोकतंत्र नहीं बचा है. इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2022 में उन्होंने राज्य के हालातों को लेकर कई और बातें कहीं.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ आज राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे. इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2022 में बोलते हुए उन्होंने राज्य सरकार के साथ अपने रिश्तों को लेकर कई मुद्दों पर बात रखी.
’पश्चिम बंगाल ज्वालामुखी पर बैठा है’ राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में लोकतांत्रिक हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल ज्वालामुखी पर बैठा है. बंगाल काफी क्रिटिकल स्टेज में है. यहां कोई डेमोक्रेसी नहीं है. बंगाल की जो हालत है- तो अगर सांस लेना है, नौकरी करना है, राजनीति करनी, अच्छी जिंदगी बितानी है तो एक ही रास्ता है, सत्ताधारी पार्टी के साथ आ जाओ. किसी भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था के लिए इससे बड़ा खतरा नहीं है. बंगाल में ये खतरा पराकाष्ठा पर है. ये एक ओपन सीक्रेट है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में डर किसी भी अन्य लोकतांत्रिक जगह से अधिक है.
रोज मुख्यमंत्री को ट्वीट करने वाली गलत जगदीप धनखड़ ने कहा- ये बात झूठी है कि मैं हर सुबह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ट्वीट या व्हाट्सएप मैसेज करता हूं. मैं संवैधानिक पद पर हूं. लेकिन ऐसा नहीं है. पश्चिम बंगाल में वसूली चल रही है. सिंडिकेट वसूली कर रहे हैं. ये मैं नहीं कह रहा है. ये हाईकोर्ट कह रहा है. राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई लेकिन वहां हार गई.
बंगाल में संवैधानिक अराजकता जगदीप धनखड़ ने कहा- राज्य में सिंडिकेट और माफिया लगातार वसूली कर रहे हैं. चुनाव के बाद हुई हिंसा पर बात करनी चाहिए. पश्चिम बंगाल में सरकार के गुंडों और पुलिस की वजह से लोगों में डर है. यहां लगातार रेप, मर्डर, लूट, वसूली हो रही है. वोटिंग करने वालों को प्रताड़ित किया जाता है. मैंने लॉकडाउन के बीच 13 मई से 15 मई के बीच पूरे राज्य का दौरा किया. मैंने क्या देखा लड़कियों के आंसू रुक नहीं रहे थे, क्योंकि उनके साथ बलात्कार हुआ था. मैंने देखा कि लोगों के मकान लूटे गए थे. लेकिन मुख्यमंत्री ने क्या किया, वो किसी घर पर नहीं गई और इसका कोई नोट तक नहीं लिया.
इसके लिए मैंने मुख्यमंत्री को लिखित में कहा कि ये संवैधानिक अराजकता है. मैंने ये बात मुख्यमंत्री को लिखित में कही.आप अपने गुंडों से लोगों को बचा नहीं पा रहे हैं. आप सांप्रदायिक तरीके से काम करेंगे और तुष्टिकरण पर काम करेंगे? वो कार्टने हाट गईं जहां लोगों को जिंदा जला दिया गया था और 36 घंटे के अंदर 5 लाख रुपये, घर और सरकारी नौकरी दे दी गई. जबकि चुनाव हिंसा में मरने वाले किसी भी व्यक्ति को उन्होंने कुछ नहीं दिया. इसे क्या कहेंगे.

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