
'INDIA गठबंधन की रैली में देश विरोधियों का जमावड़ा', विपक्ष की सभा से पहले बोले बाबूलाल मरांडी
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पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी शनिवार को पार्टी के मीडिया सेंटर में संवाददाताओं से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की ओर से शहर में जगह-जगह रैली को लेकर होर्डिंग लगाए गए हैं. इस बारे में एक आम आदमी से उनकी बात हुई है. उनका कहना था कि यहां जुटने वाले सभी देश, विकास, सनातन और झारखंड के विरोधी हैं.
रांची भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इंडिया गठबंधन पर जोरदार हमला किया है. उन्होंने कहा कि रांची में इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित रैली में देश विरोधी, सनातन विरोधी, झारखंड विरोधी और विकास विरोधी लोगों का जमावड़ा हो रहा है. इसमें वही लोग शामिल हो रहे हैं, जिसने झारखंड को बेचने और खरीदने का काम किया है.
दरअसल, बाबूलाल मरांडी शनिवार को पार्टी के मीडिया सेंटर में संवाददाताओं से बात कर रहे थे. मरांडी ने कहा कि इंडिया गठबंधन की ओर से शहर में जगह-जगह रैली को लेकर होर्डिंग लगाए गए हैं. इस बारे में एक आम आदमी से उनकी बात हुई. उनका कहना था कि यहां जुटने वाले सभी देश, विकास, सनातन और झारखंड के विरोधी हैं. अगर देश में बीजेपी के सरकार नहीं बनती और अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री नहीं होते, तो झारखंड अलग राज्य नहीं बन पाता.
'वाजपेई जी सत्ता में आते ही झारखंड राज्य की स्थापना की'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 50 साल तक देश में राज किया. इस दौरान उसने झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को दबाने का काम किया. जयपाल सिंह को खरीदने का काम किया. उनकी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया. शिबू सोरेन का उपयोग सरकार बचाने में किया. पैसा देकर आंदोलन को दबा दिया. ये सभी आदिवासियों की बात करते हैं. राज्य और यहां की निवासियों की विकास की बात करते हैं. इसका कभी उन्होंने ख्याल नहीं रखा. आदिवासियों के विकास, उन्हें मान-सम्मान देने और राज्य को विकास के पथ पर ले जाने का काम भाजपा और एनडीए गठबंधन ने किया है. स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने वचन दिया था कि सत्ता में आते ही झारखंड राज्य की स्थापना होगी. सत्ता में आने के बाद उन्होंने 15 नवंबर 2000 को अलग राज्य बना दिया.
'सोरेन ने सत्ता मिलने के बाद राजमहल के पहाड़ को खोद दिया'
मरांडी ने कहा कि रैली शामिल होने वाले लोग सत्ता में आने पर सारा समय लूटने में लगाते हैं. हेमंत सोरेन 4 साल सरकार में रहे. आज वे जेल में हैं. जैसे करनी वैसी भरनी वाली कहावत उनपर पर चरितार्थ हो रही है. हेमंत सोरेन ने सत्ता मिलने के बाद नदी, बालू, पहाड़ तक नहीं छोड़ा. राजमहल के पहाड़ को खोद दिया. राजमहल में 1000 करोड़ के पत्थर का अवैध खनन हुआ है. ईडी ने इसका उल्लेख अपनी चार्जशीट में किया है. उसने आदिवासी जमीन का फर्जी कागजात बनाकर बेचा दिया. इस कार्य को सरकार का संरक्षण मिलता रहा. अब धीरे-धीरे ईडी ऐसा करने वाले सभी लोगों को जेल में डाल रही है.

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