
IIT दिल्ली के स्टूडेंट ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, फेल होने के बाद हॉस्टल में रुका था
AajTak
प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक अनिल, गणित और कंप्यूटिंग में बीटेक कर रहा था. वह एक्सटेंशन पर था क्योंकि उसने कुछ विषय पूरे नहीं किए थे और छह महीने के एक्सटेंशन पर हॉस्टल में रह रहा था. जून में उसे हॉस्टल खाली करना था, लेकिन कुछ विषयों में पास नहीं हो सका.
आईआईटी दिल्ली के विंध्याचल हॉस्टल में एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी. मामले की सूचना के बाद किशनगढ़ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मृतक 21 वर्षीय युवक की पहचान अनिल कुमार के रूप मे की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है. मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है.
आत्महत्या के संंबंध में मिली पीसीआर कॉल साउथ वेस्ट जिले के डीसीपी ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे किशनगढ़ थाना पुलिस को आईआईटी दिल्ली के विंध्याचल हॉस्टल में एक छात्र द्वारा आत्महत्या के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस को दरवाजा अंदर से बंद मिला. मौके पर दमकल विभाग को बुलाया गया और दरवाजा तोड़ा गया. जहां छात्र फांसी के फंदे पर झूल रहा था. छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
जून में करना था हॉस्टल खाली प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक अनिल, गणित और कंप्यूटिंग में बीटेक कर रहा था. वह एक्सटेंशन पर था क्योंकि उसने कुछ विषय पूरे नहीं किए थे और छह महीने के एक्सटेंशन पर हॉस्टल में रह रहा था. जून में उसे हॉस्टल खाली करना था, लेकिन कुछ विषयों में पास नहीं हो सका. इसके लिए उसे विषयों को पास करने के लिए छह माह का समय दिया गया था. आशंका जताई जा रही है कि अनिल पढ़ाई को लेकर टेंशन मे था इसलिए उसने इस तरह का कदम उठाया. पुलिस औऱ IIT प्रशासन जांच कर रही है कि आखिर सच्चाई क्या है.
Report: Amardeep Kumar

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







