
IAS पति से बेवफाई, क्रिमिनल से प्यार और धोखा... महिला की कहानी का हुआ दर्दनाक अंजाम!
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गुजरात के गांधीनगर में एक आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार जे की पत्नी सूर्या के सुसाइड केस में कई चौंका देने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस ने सूर्या के द्वारा लिखा गया एक पत्र बरामद किया है, जिसमें कई हैरान कर देने वाली बातें लिखी हैं. इस मामले में तमिलनाडु में केस दर्ज कर लिया गया है.
'कम से कम मौत से ऐसी मुझे उम्मीद नहीं, ज़िंदगी तू ने तो धोके पे दिया है धोका'... मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी की ये पंक्तियां गुजरात काडर के आईएएस अफसर रंजीत कुमार जे की पत्नी सूर्या पर सटीक बैठती हैं. बीते दिनों सूर्या ने गांधीनगर स्थित अपने घर के बाहर जहर खाकर अपनी जान दे दी. वो घर के अंदर जाना चाहती थी, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड ने मना कर दिया. अपने जीवन से हताश-निराश और परेशान महिला को जान देना, जीने से ज्यादा आसान लगा. सूर्या तो चली गई, लेकिन अपने पीछे भरे-पूरे परिवार के साथ कई कहानियां और सवाल छोड़ गई है.
पहला सवाल ये कि जिसका पति आईएएस अफसर हो, सूबे में अच्छे महकमे और पद पर कार्यरत हो, जिसके दो बच्चे हो, उसे आखिर खुदकुशी करने की क्या जरूरत पड़ गई? उसे अपने ही घर में घुसने से सिक्योरिटी गार्ड क्यों रोक रहा था? आखिर उसकी क्या गलती थी कि पति साथ नहीं दे रहा था? इन सभी सवालों के जवाब उस दिल झकझोर देने वाली कहानी में छिपे हैं, जो आज से आठ महीने पहले शुरू हुई थी. दरअसल, सूर्या और रंजीत के बीच आपसी संबंध ठीक नहीं था. आए दिन झगड़ा होता रहता था. रंजीत को उसके अवैध संबंधों के बारे में पता चल चुका था.
यही वजह है कि सूर्या एक दिन अपने पति का घर छोड़कर गुजरात से अपने गृह राज्य तमिलनाडु आ गई. वहां अपने प्रेमी राजा के साथ रहने लगी. उसका प्रेमी कोई सीधा साधा शख्स नहीं, बल्कि सूबे का सबसे कुख्यात गैंगस्टर है. हत्या और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर अपराधों में वांछित है. राजा ने सूर्या को झांसा दिया कि वो अपने पति को छोड़कर आ जाए. दोनों मिलकर कोई बिजनेस शुरू कर लेंगे. सूर्या के पास अच्छी खासी प्रॉपर्टी है, उसके प्रेमी की उस पर नजर थी. वो चहता था कि वो उसे बेंचकर उसे पैसे दे दे, जिससे वो कोई बिजनेस शुरू कर सके. अभी दोनों बिजनेस की प्लानिंग कर ही रहे थे कि पुलिस ने हत्या के एक पुराने में राजा को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में एक अपराधी को अपने घर में शरण देने के आरोप में सूर्या के खिलाफ भी केस दर्ज कर दिया गया. वो पूरी तरह अकेली पड़ गई. कानूनी लड़ाई लड़ने और बिजनेस की तैयारियों में हुए खर्चों की वजह से उसे आर्थिक नुकसान सहना पड़ा था. इसकी भरपाई के लिए उसने अपनी कुछ संपत्ति संपत्ति लक्ष्मी नामक एक महिला को बेच दिया. इसके बाद वो बंगलुरु चली आई और वहां एक कॉलेज में शेफ बनने के लिए एक कोर्स में दाखिला ले लिया.
अपहरण केस में आया नाम, पुलिस ने शुरू की तलाश
इस दौरान जब पैसे कम पड़ने लगे तो उसने लक्ष्मी से कोर्स की फीस भरने में मदद करने का आग्रह किया, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया. उल्टे उसने कहा कि यदि उसे पैसे चाहिए तो वो अपनी बची हुई संपत्ति भी उसे बेंच दे. इस पर सूर्या नाराज हो गई. इसी बीच 11 जुलाई को लक्ष्मी के लड़के का अपहरण हो गया. उसने इसका आरोप सूर्या पर लगाते हुए केस दर्ज करा दिया. बच्चे को छोड़ने के एवज में 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई, लेकिन मदुरै पुलिस ने लड़के को सकुशल बरामद कर लिया. इसके बाद पुलिस ने सूर्या समेत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.
जब विपत्ति में फंसी पत्नी तो पति का ख्याल आया

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