
FATF के फैसले से पहले PAK की नई चाल! आतंकवाद पनपने की बताई ये वजह
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पाकिस्तान 2018 से FATF की ग्रे लिस्ट में बना हुआ है. इस कारण से पाकिस्तान को विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से फंड नहीं मिल रहा है. ऐसे में खस्ता वित्तीय संकट के कारण उसकी स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है. हालांकि वह FATF से निकलने के लिए लगातार पैंतरेबाजी करता रहता है.
पाकिस्तान FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट से बाहर आएगा या नहीं, इस पर शुक्रवार को फैसला हो सकता है. मनी लॉन्ड्रिंग और टेरेर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली संस्था FATF की दो दिवसीय बैठक शुरू हो चुकी है. पाकिस्तान के अलावा तुर्की, ईरान, उत्तर कोरिया जैसे देशों के भविष्य का फैसला भी इस बैठक में होना है. इनमें से कई देश ग्रे लिस्ट में शामिल हैं.
पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है कि उसे ग्रे लिस्ट से बाहर किया जाए. इसके लिए वह लगातार कोई न कोई चाल चलता रहता है. अब पाकिस्तान की एक संस्था ने रिपोर्ट जारी की है उसमें बताया गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद का खतरा बढ़ गया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक स्थानीय थिंक-टैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान में एक साल में आतंकवादी हमलों में रिकॉर्ड 51 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.
जब अफगानिस्तान पर तालिबान का हुआ कब्जा
गौरतलब है कि विश्व की महाशक्तियां रूस और अमेरिका दो दशकों तक अफगानिस्तान को अपने वश में करने की कोशिश करते रहे लेकिन विफल रहे. जब अमेरिका अफगानिस्तान छोड़ने के लिए तैयार हुआ तो बिना किसी प्रतिरोध के तालिबान ने राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया.
रिपोर्ट में तालिबान शासन को बताया खतरा

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