
Fact Check: Bangladesh हिंसा में मारे गए ISKCON के साधु की नहीं है ये तस्वीर
AajTak
सफेद टोपी पहने कुछ लोगों को साधु की वेशभूषा में खाना परोसते एक शख्स की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि ये इस्कॉन मंदिर के स्वामी निताई दास हैं जो कभी मुस्लिमों को इफ्तारी कराते थे. हाल ही में इनकी बांग्लादेश में हत्या कर दी गई. बांग्लादेश में 15 अक्टूबर 2021 को एक दुर्गापूजा पंडाल में कुरान का अपमान किए जाने की अफवाह फैलने के बाद वहां के मंदिरों और हिंदुओं पर हमले शुरू हो गए थे. हिंसा की इन घटनाओं में अब तक कई जानें जा चुकी हैं और कई घायल हैं. इन्हीं घटनाओं से जोड़ते हुए एक फेसबुक यूजर ने मुस्लिमों को खाना परोसते शख्स की तस्वीर शेयर की और लिखा कि ये है इस्कॉन मंदिर के स्वामी निताई दास. रमजान में रोजा इफ्तारी करवाते हुए. बांग्लादेश मे कल इनकी नृशंस हत्या इन्ही शांतिप्रिय लोगों ने कर दी. यहां भाईचारा का मतलब भाईजान का चारा है जो इस बार निताई दास जी बने हैं. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में दिख रहा शख्स जिंदा है. देखे पूरा वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









