
E-Shram Card: सीधे अकाउंट में आता है पैसा, जुड़ चुके हैं 27.28 करोड़ लोग, केवल न करें ये गलती
AajTak
अगर आपके बैंक अकाउंट की केवाईसी नहीं हुई है, तो ऐसे में भी किस्त के अटकने का खतरा रहता है. जिन लोगों के बैंक अकाउंट की केवाईसी नहीं हुई है, वे नुकसान उठाने से बचने के लिए जल्दी ही यह काम कर लें. इसकी प्रक्रिया भी बहुत आसान है.
केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले असंगठित क्षेत्र के कामगारों की मदद के लिए ई-श्रम कार्ड योजना (E-Shram Card Scheme) की शुरुआत की थी. इस योजना से बड़े स्तर पर असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को लाभ मिल रहा है. योजना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, देश में अब तक इस स्कीम के तहत करीब 27.28 करोड़ ई-श्रम कार्ड इश्यू हो चुके हैं.
इस गलती पर कैंसिल हो जाएगा कार्ड
अगर किसी ने भी ई-श्रम कार्ड के लिए अप्लाई करते समय कोई भी गलत जानकारी दी होगी, तो उसका ई-श्रम कार्ड कभी भी कैंसिल हो सकता है. गलती पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने का रिस्क रहता है. जिन लोगों ने ऐसी गलतियां की होंगी, उन्हें ई-श्रम कार्ड योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलेगी. इससे बचने के लिए आवेदन करते समय सभी जानकारियों को दोबारा चेक करें और सुनिश्चित कर लें कि कोई गलती नहीं छूट जाए.
इन कारणों से भी अटक सकती है किस्त
इसके अलावा अगर आपके बैंक अकाउंट की केवाईसी नहीं हुई है, तो ऐसे में भी किस्त के अटकने का खतरा रहता है. जिन लोगों के बैंक अकाउंट की केवाईसी नहीं हुई है, वे नुकसान उठाने से बचने के लिए जल्दी ही यह काम कर लें. इसकी प्रक्रिया भी बहुत आसान है. आपको बस एक बार अपने बैंक का ब्रांच विजिट करना होगा. बैंक में आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी जमा कराते ही केवाईसी हो जाती है. परेशानियों से बचने के लिए बैंक अकाउंट से अपना मोबाइल नंबर लिंक करना भी जरूरी है.
राज्य सरकारें भी देती हैं फायदे

Aaj 21 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 मार्च 2026, दिन- शनिवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 23.56 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.04 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.26 बजे से सुबह 10.57 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

तेहरान में युद्ध के बीच 'काली बारिश' हो रही है. यह इतनी खतरनाक है कि इसके संपर्क में आने से लोगों की तुरंत मौत हो सकती है या फिर लंबे समय के लिए लोग बीमार पड़ सकते हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से ईरान के तेल संयंत्र उड़ा दिए गए. इससे निकले जहरीले धुएं के बादल हवा में फैल गए हैं. तेल और जहरीले केमिकल व गैस से बने इन बादलों से ही 'काली बारिश' हो रही है.











