
DPS स्कूल की प्रिंसिपल की मौत से हर कोई सन्न, रास्ते में पेड़ से जा भिड़ी थी कार
AajTak
DPS School Principal died in road accident: 60 साल की पिल्लई इंदौर से खुद कार चलाकर उज्जैन स्थित स्कूल के लिए निकली थीं. इसी बीच धतरावदा गांव के पास उनकी कार पेड़ से जा भिड़ी. राहगीरों ने जैसे-तैसे घायल पिल्लई को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
MP News: उज्जैन के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की महिला प्रिंसिपल रेखा पिल्लई की सोमवार को सड़क हादसे में मौत हो गई. 60 साल की पिल्लई इंदौर स्थित घर से खुद कार चलाकर स्कूल के लिए निकली थीं. इसी बीच धतरावदा गांव के पास उनकी कार पेड़ से जा भिड़ी. राहगीरों ने जैसे-तैसे घायल पिल्लई को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
उज्जैन जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) सत्येंद्र शुक्ला ने भी कहा कि डीपीएस स्कूल उज्जैन की प्रिंसिपल रेखा पिल्लई इंदौर से उज्जैन जा रही थीं, जब उनकी कार एक पेड़ से टकरा गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें घटनास्थल से एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
एसपी ने बताया कि रेखा पिल्लई पिछले 5 साल से उज्जैन के डीपीएस में बतौर प्रिंसिपल पदस्थ थीं. पुलिस ने उनके पति श्रीधर पिल्लई को सूचित कर दिया था. वहीं, शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया. अब उनके बेटे के आने का इंतजार है. बताया गया कि महिला का बेटा सिंगापुर में नौकरी करता है.
हर कोई स्तब्ध महिला प्रिंसिपल रेखा पिल्लई की मौत से स्कूल के स्टूडेंट्स से लेकर स्टाफ मेंबर तक स्तब्ध हैं. आमतौर पर पिल्लई अपने इंदौर के घर से उज्जैन तक ड्राइवर के साथ ही आती थीं. लेकिन सोमवार को वह खुद कार चलाकर आ रही थीं. बताया गया कि अमूमन महिला प्रिंसिपल शनिवार को बिना ड्राइवर के ही उज्जैन स्थित स्कूल जाती थीं और सोमवार को आती थीं. ड्राइवर इस छुट्टी पर अपने घर रुक जाता था.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









