
Donald Trump का बड़ा फैसला, TikTok को बैन से मिली राहत, इतने दिन का दिया समय
AajTak
Donald Trump big announcement : डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालते ही कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है और उनमें से एक फैसला TikTok को लेकर लिया. TikTok App को बैन से राहत देते हुए 75 दिन का समय दिया. TikTok, एक चाइना बेस्ड शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है और भारत में यह ऐप पहले से बैन है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयनुसार सोमवार की रात को अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली. पद संभालते ही उन्होंने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है और उनमें से एक फैसला TikTok को लेकर लिया. TikTok App को बैन से राहत देते हुए 75 दिन का समय दिया. TikTok, एक चाइना बेस्ड शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है.
ट्रंप ने एक एग्जूक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए और TikTok को 75 दिन का समय दिया है. इस समयसीमा के दौरान ट्रंप एक ऐसे प्रस्ताव को लाने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसकी मदद से वे ना सिर्फ इस प्लेटफॉर्म को प्रतिबंध से बचाएंगे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा भी करेंगे. बताते चलें कि भारत में TikTok पहले से बैन है.
डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा साइन किए गए एग्जिक्यूटिव ऑर्डर में कहा, मैं अटॉर्नी जनरल को निर्देश दे रहा हूं कि आज से 75 दिनों तक लिए अधिनियम को लागू करने के लिए कोई कार्रवाई न करें ताकि मेरे प्रशासन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने का अवसर मिल सके. ऐसे में Tiktok प्लेटफॉर्म को अचानक बंद होने से बचाने के लिए के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा भी की जा सके.
यह भी पढ़ें: Samsung लॉन्च करेगा सब्सक्रिप्शन प्लान, किराए पर मिलेंगे महंगे स्मार्टफोन और टैबलेट
पिछले साल अप्रैल में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक विधेयक पर साइन किए थे. इस बिल को सदन और सीनेट में व्यापक द्विदलीय बहुमत द्वारा पारित किया गया. इस बिल में TikTok की मूल कंपनी Bytedance को ऐप से अलग होने या अमेरिकी ऐप स्टोर से प्रतिबंध का सामना करने के लिए 270 दिन का समय दिया गया था. इस आदेश के मुताबिक, 19 जनवरी इस ऐप के लिए लास्ट दिन था.
यह भी पढ़ें: 2024 में इन तीन स्मार्टफोन्स ने AI की दुनिया में मचाया तहलका, बेस्ट फीचर्स से हैं लैस

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












