
Delhi Pollution: पटाखे जलाने का असर, दिल्ली के कई इलाकों में सामान्य से 10 गुना ज़्यादा प्रदूषित हुई हवा
AajTak
Air Quality Index: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का औसत AQI 'बेहद खराब' स्थिति में पहुंच चुका है. SAFAR India air quality service के मुताबिक, दिवाली की देर रात दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 323 दर्ज किया गया. वहीं, नोएडा का इससे भी ज्यादा बुरा हाल है. यहां AQI 342 दर्ज हुआ है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है.
Delhi Pollution: दिवाली पर दिल्ली में प्रदूषण पर सारी भविष्यवाणी सही होती नजर आ रही हैं. देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में दिवाली की सुबह से ही वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 'बेहद खराब' श्रेणी में है, जो रात होने के साथ पटाखों के धुएं से और बिगड़ता जा रहा है. दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी के रियल टाइम डेटा के मुताबिक, दिल्ली के जहांगीरपुरी में सामान्य से 10 गुना ज़्यादा प्रदूषित हवा हो गई है.
प्रदेश का औसत AQI 'बेहद खराब' स्थिति में पहुंच चुका है. SAFAR India air quality service के मुताबिक, 24 अक्टूबर यानि दिवाली की शाम दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 323 दर्ज किया गया. वहीं, नोएडा का इससे भी ज्यादा बुरा हाल है. यहां AQI 342 दर्ज हुआ है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है.
बता दें कि शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI ‘गंभीर’ माना जाता है.
दिल्ली के इन इलाकों का बुरा हाल
वहीं, स्विट्जरलैंड के संगठन आईक्यूएयर के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को दिवाली के अवसर पर ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में पहुंच गई. प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषकों के एकत्र होने में मदद मिली जबकि पटाखों और पराली जलाने से होने वाले उत्सर्जन ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. इसके अलावा, मौसम विभाग का कहना है हवा की सुस्त रफ्तार की वजह से भी दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली बन रही है.
बता दें कि प्रदूषण के कहर के चलते दिल्ली में दिवाली से पहले ही पटाखों पर बैन है. दिवाली पर अगर राजधानी में कोई भी शख्स पटाखे फोड़ता पाया गया तो उस पर 200 रुपये का जुर्माना और 6 महीने जेल की सजा का भी प्रावधान है. हालांकि, इसके बाद भी दिल्ली में आतिशबाजी जारी है और प्रदूषण कई गुना बढ़ता नजर आ रहा है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








