
Delhi Excise Policy: मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ी
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया और अपना आदेश सुनाते हुए कहा था कि मामले में 338 करोड़ रुपये के धन का लेन-देन "अस्थायी रूप से स्थापित" किया गया था.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. दिल्ली की एक अदालत ने कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले के संबंध में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत गुरुवार को 11 दिसंबर तक बढ़ा दी.
दिल्ली के राउज़ एवेन्यू ने ईडी द्वारा जांच किए जा रहे मामले की सुनवाई के लिए उक्त तारीख तय की है, और इसलिए सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 11 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया और अपना आदेश सुनाते हुए कहा था कि मामले में 338 करोड़ रुपये के धन का लेन-देन "अस्थायी रूप से स्थापित" किया गया था.
सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को 'घोटाले' में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में हैं. ईडी ने तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद 9 मार्च को सीबीआई की एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था.

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