
Dalai lama से बातचीत को तैयार China, क्या तय होगा नया उत्तराधिकारी?
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आखिरकार चीन, दलाई लामा से बातचीत करने को तैयार हो गया है. इस वार्ता के लिए चीन ने एक बड़ी शर्त भी रखी है. चीन चाहता है कि इस वर्ता में सिर्फ भविष्य के दलाई लामा, यानी की 14वें दलाई लामा के उत्तराधिकारी के विषय पर चर्चा हो. वो इस बैठक में तिब्बत से जुड़ी किसी भी मसले पर बात नहीं करना चाहता है. चीन और दलाई लामा के बीच होने वाले इस महत्वपूर्ण वर्ता के बारे में बात करने से पहले हम आपको ये बता दें कि, दलाई लामा और उनका संगठन चीन में एक प्रतिबंधित संगठन है. क्योंकि जब चीन ने साल 1951 में तिब्बत पर कब्जा किया तो वो लगातार बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ काम करने लगा और उनकी सामुहिक हत्याएं करने लगा. इसके बाद साल 1959 में दलाई लामा तिब्बत छोड़ कर अपने अनुयायियों के भारत आ गए और तब से अब तक वो यहीं निर्वासन में रह रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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