
CrPC Section 186: शक के हालात में हाई कोर्ट तय करेगा जांच और ट्रायल का जिला, लागू होगी धारा 186
AajTak
सीआरपीसी की धारा 186 में बताया गया है कि सन्देह की दशा में उच्च न्यायालय का वह जिला विनिश्चित करना, जिसमें जांच या विचारण होगा. चलिए जान लेते हैं कि सीआरपीसी (CrPC) की धारा 186 इस बारे में क्या जानकारी देती है?
Code of Criminal Procedure: दंड प्रक्रिया संहिता में अदालत (Court) की कार्यप्रणाली से जुड़े प्रावधान भी परिभाषित (Define) किए गए हैं. जिनका इस्तेमाल सुनवाई के लिए किया जाता है. इसी तरह से सीआरपीसी की धारा 186 में बताया गया है कि सन्देह की दशा में उच्च न्यायालय का वह जिला विनिश्चित करना, जिसमें जांच या विचारण होगा. चलिए जान लेते हैं कि सीआरपीसी (CrPC) की धारा 186 इस बारे में क्या जानकारी देती है? सीआरपीसी की धारा 186 (CrPC Section 186) दंड प्रक्रिया संहिता (Code of Criminal Procedure 1975) की धारा 186 में शक के हालात होने पर उच्च न्यायालय (High Court) का वह जिला सुनिश्चित (Decide) करने की प्रक्रिया बताई गई है, जिसमें जांच या विचारण (inquiry or trial) होगा. CrPC की धारा 186 के मुताबिक, जहां दो या अधिक न्यायालय (Court) एक ही अपराध का संज्ञान (Cognizance of offense) कर लेते हैं और यह प्रश्न उठता है कि उनमें से किसे उस अपराध की जांच या विचारण करना चाहिए, वहां वह प्रश्न-
(क) यदि वे न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय (High Court) के अधीनस्थ हैं तो उस उच्च न्यायालय द्वारा;
(ख) यदि वे न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय (High Court) के अधीनस्थ नहीं हैं, तो उस उच्च न्यायालय द्वारा जिसकी अपील दांडिक अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के अन्दर कार्यवाही पहले प्रारम्भ की गई है,
विनिश्चित किया जाएगा, और तब उस अपराध के सम्बन्ध में अन्य सब कार्यवाहियां बन्द कर दी जाएंगी.
इसे भी पढ़ें--- CrPC Section 185: विभिन्न सेशन खंडों में मामलों के ट्रायल का आदेश देने की शक्ति है धारा 185
क्या है दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973) भारत में आपराधिक कानून के क्रियान्यवन के लिये मुख्य कानून है. यह सन् 1973 में पारित हुआ था. इसे देश में 1 अप्रैल 1974 को लागू किया गया. दंड प्रक्रिया संहिता का संक्षिप्त नाम 'सीआरपीसी' है. सीआरपीसी (CRPC) अंग्रेजी का शब्द है. जिसकी फुल फॉर्म Code of Criminal Procedure (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर) होती है. इसे हिंदी में 'दंड प्रक्रिया संहिता' कहा जाता है. CrPC में 37 अध्याय (Chapter) हैं, जिनके अधीन कुल 484 धाराएं (Sections) मौजूद हैं. जब कोई अपराध होता है, तो हमेशा दो प्रक्रियाएं होती हैं, एक तो पुलिस अपराध (Crime) की जांच करने में अपनाती है, जो पीड़ित (Victim) से संबंधित होती है और दूसरी प्रक्रिया आरोपी (Accused) के संबंध में होती है. सीआरपीसी (CrPC) में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है. CrPC में अब तक कई बार संशोधन (Amendment) भी किए जा चुके हैं.

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है? ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? हालांकि अमेरिका के लिए सब इतना आसान भी नहीं होने वाला, क्योंकि ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करने के लिए तैयार है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बरगढ़ जिले के पद्मपुर में तैनात एक ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.






