
Corona cases in america: अमेरिका में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन से ज्यादा मौतें
AajTak
दुनियाभर में ओमिक्रॉन तेजी से फेल रहा है. अमेरिका में हाल ही में संक्रमण की वजह से एक दिन में 2,267 लोगों की मौत हुई है. यह संख्या कोरोना के डेल्टा वैरिएंट में आए पीक के दिनों में 24 घंटे के अंदर हुई मौतों से काफी ज्यादा है.
अमेरिका में कोरोना संक्रमण का कहर जारी है. दुनियाभर में तेजी से पैर पसारने वाले कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने अमेरिकी प्रशासन की चिंता को और बढ़ा दिया है. यहां डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट से ज्यादा मौतें हो रही हैं. अमेरिकी प्रशासन ने आने वाले दिनों में इसके और ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई है.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









