
Corona से तबाही के बीच चीन का बड़ा फैसला, विदेश से आने वाले यात्री नहीं होंगे क्वारंटीन
AajTak
चीनी प्रशासन ने कोरोना से निपटने के लिए नई रणनीति बनाई है. अब चीन ने कोरोना को Class B disease की श्रेणी में रख दिया है. इस श्रेणी में डेंगू बुखार जैसी कम-गंभीर बीमारियों को रखा जाता है. इसके अलावा चीन में विदेशी यात्रियों को क्वारंटीन से भी छूट दे दी गई है.
चीन में कोरोना से हाल बेहाल हैं. हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा है. अस्पतालों में भारी भीड़ है. कई शहरों में बढ़ते कोरोना केस के चलते दवाइयों की भारी किल्लत है. डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ भी बड़ी संख्या में संक्रमित है. श्मशानों में लाइनें लगी हैं. इन सबके बीच चीन न सिर्फ कोरोना से जुड़े आंकड़े छिपा रहा है, बल्कि ऐसा दिखाने की भी कोशिश कर रहा है कि वहां सब कुछ ठीक है. अब चीन ने यही दिखाने के लिए नियम में तमाम ऐसे बड़े बदलाव किए हैं, जो चौंकाने वाले हैं. 1- चीन ने क्वारंटीन नियमों में किया बदलाव
चीन ने नवंबर में भारी विरोध के चलते विवादित जीरो कोविड पॉलिसी हटा ली थी. इसके बाद से चीन में तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. यहां तक कि कुछ शहरों में रोजाना 10 लाख तक केस आ रहे हैं. बीजिंग में भी बुरा हाल है. इन सबके बीच चीन ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटीन नियमों में बदलाव कर दिया है. 8 जनवरी से यहां आने वाले यात्रियों को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा. अभी चीन से बाहर से आने वाले यात्रियों को 5 दिन के लिए होटल में जबकि तीन दिन के लिए सेल्फ आइसोलेशन में रखा जाता था.
चीन में 2020 से विदेशी यात्रियों को क्वारंटीन करने का नियम था. लेकिन इसमें अब बदलाव कर दिया गया है. 8 जनवरी से किसी भी यात्री को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा. हालांकि, चीन आने से पहले यात्रियों को कोरोना टेस्ट कराना होगा. लेकिन टेस्ट रिपोर्ट को चीन दूतावास में सब्मिट नहीं करनी होगी. बल्कि सिर्फ फ्लाइट में बोर्ड से पहले टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी.
2- कोरोना अब चीन में Class B श्रेणी में चीनी प्रशासन ने कोरोना से निपटने के लिए नई रणनीति बनाई है. अब चीन ने कोरोना को Class B disease की श्रेणी में रख दिया है. इस श्रेणी में डेंगू बुखार जैसी कम-गंभीर बीमारियों को रखा जाता है. इतना ही नहीं चीन में अब कोरोना को निमोनिया नहीं बल्कि संक्रमण कहा जाएगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि बीमारी के वर्तमान खतरे के स्तर को देखते हुए ये बदलाव किया गया है.
2020 से कोरोना Class A कैटेगरी में था. तब कोरोना केस मिलने के बाद कड़े प्रतिबंध लगाए जाते थे. संक्रमित लोगों को क्वारंटीन किया जाता था. संबंधित व्यक्तियों की जांच होती थी. केस बढ़ने पर लॉकडाउन लगा दिया था. लेकिन अब B कैटेगरी के तहत ऐसा नहीं होगा. यानी अब सिर्फ जरूरी इलाज और संक्रमण को रोकने पर फोकस होगा.
3- अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को लेकर बदला नियम चीन में अभी तक अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर फ्लाइट की संख्या पर नियंत्रण रखने के लिए फाइव वन पॉलिसी लागू की थी. इसके मुताबिक, हर विदेशी एयरलाइन सिर्फ चीन में सिर्फ एक एयर रूट अपनाएगी और हफ्ते में एक फ्लाइट का संचालन करेगी. इसमें भी यात्रियों की संख्या पर नियंत्रण रखा जाता था. लेकिन अब चीन ने इस पॉलिसी को भी खत्म करने का ऐलान कर दिया. हालांकि, अभी भी फ्लाइट में यात्रियों को मास्क समेत अन्य कोरोना नियमों का पालन करना होगा.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








