
Corona: अस्पताल में लाशों का ढेर, श्मशानों में शव उठाने के लिए भर्तियां...डरा देंगे चीन में कोरोना से तबाही के वीडियो
AajTak
चीन में कोरोना से हाहाकार है. बीजिंग के बाद अब शंघाई और अनसन जैसे शहरों में भी हालात बिगड़ने लगे हैं. शंघाई से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे डराने वाली हैं. यहां अस्पतालों में शवों के ढेर हैं. तो वहीं अनसन में फ्यूनरल होम की पार्किंग में शवों को रखा गया है. यहां अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग चल रही है.
चीन में कोरोना से हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं. चीन लगातार कोविड से जुड़े आंकड़े और जानकारी छिपाने के लिए नए नए पैंतरे चल रहा है. चीन का दावा है कि वहां पिछले 6 दिन से कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है. लेकिन चीन से जो वीडियो सामने आ रहे हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.
ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट जेनिफर जेंग ने चीन के शंघाई शहर का एक वीडियो शेयर किया है. इसमें शंघाई के अस्पताल में शवों के ढेर नजर आ रहे हैं. उनके मुताबिक, ये वीडियो 24 दिसंबर का है. इतना ही नहीं जेंग ने एक वीडियो अनसन शहर का भी शेयर किया है. इसमें देखा जा सकता है कि किस तरह से चीन में फ्यूनरल होम फुल हो गए हैं. अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग है. कोरोना के लगातार हो रहीं मौतें के चलते फ्यूनरल होम की पार्किंग में शवों को रखा जा रहा है.
Dec 24, a hospital in #Shanghai.#chinacovid #ChinaCovidCases #ChinaCovidSurge #ChinaCovidDeaths #ChinaCovidNightmare #COVID #COVID19 #ZeroCovid #CCPVirus #CCP #China #CCPChina pic.twitter.com/MLC9NxoZNs
श्मशान घाटों में चल रहीं भर्तियां
कोरोना का कहर शंघाई शहर में भी जारी है. यहां कोरोना के लगातार केस बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं कोरोना के चलते काफी लोगों की जान भी जा रही है. ऐसे में शंघाई के श्मशान घाटों में भर्तियां चल रही हैं. लोग जो शव उठा सकें, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. इतना ही नहीं जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें वरीयता दी जा रही है.

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








