
Chaitra Navratri 2022: मां चंद्रघंटा देती हैं भय से मुक्ति, जानें माता के पूजन की सही विधि
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चैत्र नवरात्रि का आज तीसरा दिन है. नवरात्र का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta) को समर्पित होता है. माता के माथे पर चमकते हुए चंद्रमा के कारण ही उनका यह नाम पड़ा. मां चंद्रघंटा को देवी पार्वती का रौद्र रूप माना जाता है. मां चंद्रघंटा शेरनी की सवारी करती हैं. माता का शरीर सोने के समान चमकता है. उनकी 10 भुजाएं है. उनकी चार भुजाओं में त्रिशूल, गदा, तलवार,और कमंडल है वहीं, पांचवा हाथ वर मुद्रा में है. जबकि, मां की अन्य भुजाओं में कमल, तीर, धनुष और जप माला हैं और पांचवा हाथ अभय मुद्रा में है. इनके दसों हाथों में अस्त्र-शस्त्र हैं और इनकी मुद्रा युद्ध की है.

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