
BPSC 71वीं प्रीलिम्स परीक्षा आज, करीब 4.7 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल, इस बातों का रखें ध्यान
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बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 71वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा शनिवार, 13 सितंबर 2025 को आयोजित होगी. यह परीक्षा एक ही पाली में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होगी.
BPSC 71st CCE Prelims 2025: 71वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा शनिवार (13 सितंबर, 2025) को आयोजित की जा रही है. यह परीक्षा सिर्फ एक पाली में आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी. अभ्यर्थियों को सलाह है कि परीक्षा केंद्र जाने से पहले गाइडलाइन ध्यान से पढ़ लें. बीपीएससी 71वीं प्रारंभिक परीक्षा दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएगी.
11 बजें से पहले पहुंचे परीक्षा सेंटर परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा और किसी भी परिस्थिति में किसी भी उम्मीदवार को सुबह 11:00 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. सभी उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा समय से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा. आयोग ने निर्देश दिया है कि उम्मीदवार सुबह 11:00 बजे तक पहुंच जाएं, क्योंकि उसके बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. 37 जिलों में स्थित 912 केंद्रों पर कुल 4,70,528 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है.
उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में केवल सुबह 11:00 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा. अभ्यर्थियों को निर्धारित समय प्रातः 9:30 बजे तक परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होना सुनिश्चित करना होगा.
परीक्षा के जरिए इतने पदों पर होगी भर्ती BPSC ने 71वीं CCE में 34 पोस्ट जोड़े गए, जिसके बाद परीक्षा के माध्यम से भरी जाने वाली रिक्तियों की कुल संख्या 1,298 हो गई हैं.
गलत उत्तरों के लिए नेगेटिव मार्किंग प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए 1/3 नेगेटिव मार्किंग होगी.
बीपीएससी परीक्षा केंद्र में क्या ले जा सकते हैं? एडमिट कार्ड/हॉल टिकट –प्रिंट आउट साफ और बारकोड/रोल नंबर स्पष्ट होना चाहिए. फोटो पहचान पत्र – आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि की मूल कॉपी साथ रखें. दो पासपोर्ट साइज फोटो. ब्लू या ब्लैक बॉल पेन.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












