
BPL परिवारों को 8 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा आयोडीन नमक... धामी कैबिनेट में इन जरूरी फैसलों पर लगी मुहर
AajTak
सीएम के आदेश के बाद भू कानून समिति द्वारा भूकानून पर विस्तृत परीक्षण के लिए प्रारूप समिति का गठन किया गया है. इस समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी करेंगे. समिति में प्रमुख सचिव और सचिव पद के अधिकारी भी सदस्य होंगे.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. बैठक में समान नागरिक संहिता के अब तक के कार्यों को सामने रखा गया. इसके साथ ही सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता के तहत समिति द्वारा अब तक लिए गए फैसलों को मंजूरी दे दी है.
भू कानून को लेकर 24 दिसंबर को होनी है विशाल रैली वहीं, सीएम के आदेश के बाद भू कानून समिति द्वारा भूकानून पर विस्तृत परीक्षण के लिए प्रारूप समिति का गठन किया गया है. इस समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी करेंगे. समिति में प्रमुख सचिव और सचिव पद के अधिकारी भी सदस्य होंगे. भू कानून को लेकर देहरादून में 24 दिसम्बर को एक विशाल रैली होनी है जिसे लेकर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा जारी है.
धामी कैबिनेट की बैठक में जो खास निर्णय लिए गए हैं, वे बिंदुवार यहां शामिल हैं.
1. परिवहन विभाग में मृतक आश्रितों के पदों की भर्ती का बैन हटाया
2. आवास विभाग में भवन निर्माण और विकास निधि में नदी नालों से 50 मीटर की दूरी हटाकर नालों को 5 मीटर किया गया
3. गृह विभाग में सामान नागरिक संहिता के आदेशों में हुआ अनुमोदन और गृह विभाग में राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस के लिए 327 नए पदों की स्वीकृति. इसमें कॉन्स्टेबल, सब इंस्पेक्टर सहित सभी पद होंगे शामिल

पाकिस्तान ने रात के अंधेरे में अफगानिस्तान पर एक बार फिर हमला बोला है. पाकिस्तान ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्त केंद्र अस्पताल पर किया है. इस हमले में अबतक 400 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई है, वहीं 250 से ज्यादा घायल बताए जा रहे है. वहीं अस्पताल पर हमले के आरोप से पाकिस्तान ने इनकार किया है.

वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे से पहले चश्मा छीनने वाले बंदरों को काबू में रखने के लिए अनोखा उपाय किया गया है. वन्यजीव कानूनों के चलते असली लंगूरों की तैनाती संभव नहीं होने पर अब लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.











