
Bihar: मतदाताओं को लुभाने बांटी गई थी 'जहरीली शराब', जिसे पीने के बाद मरने लगे लोग
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बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. निकाय चुनाव में वोटर्स को लुभाने के लिए शराब बांटी गई थी. इसे पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी. बाद में सभी को चुपके से हाजीपुर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ने से मामले का खुलासा हुआ.
बिहार के जहरीली शराब कांड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. बताया गया है कि निकाय चुनाव के लिए आज (18 दिसंबर) को वोटिंग है. वोटर्स को लुभाने के लिए फ्री में शराब बांटी गई थी और जगह-जगह शराब पार्टियां कराई गईं थी. शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ना शुरू हो गई थी.
उन्हें इलाज के लिए हाजीपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन इलाज के दौरान लोगों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया था. अब तक जहरीली शराब के चलते हुई मौतों का आंकड़ा अब 80 हो गया है. छपरा के अलावा सारण, सिवान और बेगूसराय में भी शराब के चलते मौतें हुई हैं. जहरीली शराब मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है.
पुलिस की नजरों से बचकर पहुंचे थे इलाज कराने
जहरीली शराब से मौत होने का खुलासा तब हुआ था जब 16-17 दिसंबर की रात सारण के परसा के ग्रामीण पुलिस और मीडिया की नजरों से बचकर इलाज कराने हाजीपुर पहुंचे थे. परसा पोझी में जहरीली शराब से बीमार हुए कई लोग हाजीपुर के निजी अस्पताल में मिले, जहां इलाज के दौरान 2 लोगों की मौत हो गई थी. खुलासा हुआ की सभी ने स्थानीय निकाय चुनाव के प्रत्यासी की शराब पार्टी में शराब पी थी, जिसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ी थी.
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मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित

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