
Bangladesh में कैसे रची गई हिंदुओं के खिलाफ दंगों की साजिश, समझिए
AajTak
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के ख़िलाफ आज पूरी दुनिया में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. आज इस्कॉन ने दुनिया के करीब 150 देशों में अपने अपना आक्रोश ज़ाहिर किया. बांग्लादेश के नोआखाली में इस्कॉन मंदिर पर हमले और एक सदस्य की मौत के बाद पूरी दुनिया में इसका विरोध हो रहा था लेकिन आज इस्कॉन के आह्वान पर बांग्लादेश और भारत समेत दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन किये गये. लोगों की मांग है कि बांग्लादेश में दंगों की साजिश रचने वाले इक़बाल हुसैन को फांसी की सज़ा दी जाए. बांग्लादेश पुलिस के मुताबिक इक़बाल हुसैन ने ही हिंदुओं के खिलाफ़ दंगे भड़काने की साजिश रची थी. 13 अक्टूबर को कुमिल्ला और चांदपुर में दुर्गा पंडाल पर हमला करने के बाद पूरे बांग्लादेश में दंगे शुरू हो गये थे. इसके बाद 15 अक्टूबर को नोआखाली में 200 लोगों की भीड़ ने इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया. इस हमले में मंदिर एक सदस्य की हत्या कर दी गई थी. 17 अक्टूबर को रंगपुर इलाके में करीब 30 हिंदुओं घरों में आग लगाई गई. बांग्लादेश में हुए दंगों अब तक 6 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 45 लोग गिरफ़्तार किये गये हैं. देखें ये वीडियो.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.








