
Ashwin Maas 2024: आश्विन का महीना आज से शुरू, जानें इसका महत्व और खास नियम
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Ashwin Maas 2024: आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, ब्राह्मण भोज आदि किया जाता है. पितृ पक्ष की तिथियों पर पितरों की पूजा करके उनको तृप्त करते हैं. इस महीने से सूर्य धीरे धीरे और भी कमजोर होने लगता है.
Ashwin Maas 2024: आश्विन का महीना पितर और देवों की पूजा के लिए विशेष है. आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, ब्राह्मण भोज आदि किया जाता है. पितृ पक्ष की तिथियों पर पितरों की पूजा करके उनको तृप्त करते हैं. इस महीने से सूर्य धीरे धीरे और भी कमजोर होने लगता है. फिर, शनि और तमस का प्रभाव बढ़ता जाता है. इस महीने में भी शुभ कार्य की मनाही होती है.
आश्विन माह की पूजा-उपासना (Ashwin Maas Pujan Vidhi)
ये महीना दो भागों में बंटा है कृष्ण पक्ष को पितृ पक्ष कहा जाता है. इस माह में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है. दूसरा शुक्ल पक्ष है जिसमें नवरात्रि मनाई जाती है, इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. इस महीने में पूर्वजों का आशीर्वाद और देवी की कृपा मिल जाती है.
इस महीने में भी सूर्य उपासना लाभकारी होगी. इसके अलावा कृष्ण पक्ष में पितरों की उपासना करें. उनके लिए दान करें, उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करें.
वहीं, शुक्ल पक्ष में देवी की उपासना करें. सप्तशती का पाठ करें तो और भी अच्छा होगा. इस पूरे महीने में पौधों को लगाना भी शुभ होगा.
आश्विन माह में खान-पान का रखें ध्यान (Ashwin Maas Niyam)

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