
AI, साइबर सिक्योरिटी और UPI... पीएम मोदी के दौरे पर भारत-इजरायल के बीच 16 समझौते
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच एआई, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, कृषि और कॉमर्स समेत कई क्षेत्रों में समझौते हुए, जिन पर यरुशलम में पीएम मोदी और उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए. इस दौरान पीएम मोदी ने गाजा मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि मानवता संघर्ष की शिकार नहीं बननी चाहिए और गाजा पीस प्लान से शांति का रास्ता बन सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय इजरायल दौरे के दौरान गुरुवार को भारत और इजरायल के बीच कई क्षेत्रों में समझौते और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में हुए ये समझौते दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को दर्शाते हैं.
ये समझौते इनोवेशन, एग्रीकल्चर, जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन, मैरीटाइम हेरिटेज, फिशरीज, एक्वाकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एजुकेशन, कॉमर्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं. यरुशलम में प्रधानमंत्री मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में प्रेस बयान से पहले इन पर हस्ताक्षर किए गए.
'गाजा पीस प्लान से तैयार होगा शांति का रास्ता'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गाजा मुद्दे पर भारत का रुख एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा कि 'मानवता कभी भी संघर्ष की शिकार नहीं बननी चाहिए'. इजरायल में अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि गाजा पीस प्लान के जरिए शांति का रास्ता तैयार किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, 'भारत का रुख साफ है कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए. गाजा पीस प्लान के माध्यम से शांति की दिशा में एक रास्ता बनाया गया है और भारत ने इन प्रयासों का पूरा समर्थन किया है. भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे.'
पीएम मोदी ने इजरायल की संसद को किया संबोधित

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