
AI का टाइम आ गया... जॉब्स में 34% तक बढ़ी डिमांड, इन लोगों के हुए मजे
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भारत में औपचारिक नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ने के साथ ही इसकी स्थिति बेहतर हो रही है. सामने आए ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कॉलर नौकरियों में 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
2026 में भारत में व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट में धीरे-धीरे ही सही लेकिन कई महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं, जो नौकरी में तेजी के बजाय बाजार धीरे-धीरे संतुलित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं. इंफो एज (इंडिया) लिमिटेड की जॉबस्पीक इंडेक्स रिपोर्ट (जनवरी 2026) के अनुसार, व्हाइट-कॉलर नौकरियों में सालाना आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई है. यह संकेत देता है कि नौकरी बाजार फिर से स्थिर विकास की ओर बढ़ रहा है. यह सुधार मुख्य रूप से गैर-आईटी सेक्टर में बढ़ती नौकरियों और फ्रेशर्स की हायरिंग में सुधार के कारण है. वहीं, पारंपरिक आईटी सेक्टर में भर्ती अब भी धीमी है, जो बताता है कि भारत में रोजगार बाजार में बड़ा बदलाव हो रहा है.
फाइनेंशियल कंडीशन में सुधार
बता दें कि जनवरी 2026 में जॉबस्पीक इंडेक्स के 2,637 नंबरों पर पहुंचने के साथ व्हाइट-कॉलर हायरिंग की शुरुआत हुई, जो जनवरी 2025 में 2,550 से अधिक है. 3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि एक ऐसे बाजार का संकेत देती है जो लंबे समय तक अस्थिरता के बाद स्थिर हो रहा है, हालांकि अभी तक इसमें तेजी नहीं देखी जा रही है लेकिन बदलाव हो रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक धीमी और सावधानी से हो रही सुधार प्रोसेस है. कंपनियां बड़े पैमाने पर हायरिंग के बजाय जरूरत के हिसाब से चुनिंदा पोस्ट पर ही लोगों को रख रही है.
विकास की रफ्तार
सबसे ज्यादा बढ़त गैर-आईटी सेक्टर में देखने को मिली है. यहीं सेक्टर अब हायरिंग बढ़ने का मुख्य कारण बन रहा है.
हेल्थकेयर सेक्टर में 5 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गई. हालांकि, सभी सेक्टर में सुधार नहीं हुआ है. बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में 15% की गिरावट आई है, जिससे पता चलता है कि हर क्षेत्र में स्थिति एक जैसी नहीं है.

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