
AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को साकेत कोर्ट से मिली जमानत, सरकारी काम में बाधा डालने का था आरोप
AajTak
आप विधायक अमानतुल्लाह खान को साकेत कोर्ट से जमानत मिल गई है. उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप था. इसी आधार पर पुलिस भी उनकी जमानत का विरोध कर रही थी. लेकिन अभी के लिए कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दे दी है.
आप विधायक अमानतुल्लाह खान को साकेत कोर्ट से जमानत मिल गई है. उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप था. इसी आधार पर पुलिस भी उनकी जमानत का विरोध कर रही थी. लेकिन अभी के लिए कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दे दी है.
अब जानकारी के लिए बता दें कि आप विधायक पुर MCD के एक्शन के दौरान दंगा करने और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. जिस समय एमसीडी द्वारा दिल्ली के मदनपुर इलाके में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हो रही थी, तब अमनतुल्लाह खान ने इसका विरोध किया था. लेकिन बाद में पुलिस ने उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया. उसी आधार पर पहले उन्हें हिरासत में लिया गया और फिर उनकी गिरफ्तारी हो गई. लेकिन अब दिल्ली पुलिस के तमाम दलीलों के बावजूद भी कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है.
वैसे जिस समय आप विधायक को हिरासत में लिया गया था, उनकी तरफ से बीजेपी पर बड़ा वार हुआ था. साफ कहा गया था कि संविधान के खिलाफ जाकर ये बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि भाजपा के "बुलडोज़रतंत्र" का विरोध कर रही जनता पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज असंवैधानिक है. हम भाजपा की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ हैं, जनता के हक़ की आवाज़ मैं हमेशा उठाता रहूंगा इसके लिए मुझे चाहे कितनी बार भी जेल जाना पड़े.
इस मामले में पुलिस की दलीलों की बात करें तो उनकी तरफ से कहा गया था कि अमानतुल्लाह एक हबीचुअल ऑफेंडर हैं. उनके खिलाफ जमीन पर कब्जा करने व मारपीट करने के मामले दर्ज हैं. इस बात पर भी जोर रहा था कि उनका बेल पर जाना कानून व्यवस्था को खराब कर सकता है. लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद इन दलीलों को खारिज कर दिया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

आज बात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दंगल की जहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. बंगाल की सियासत इस वक्त अपने चरम पर है, जहां हर बयान, हर कदम और हर मंच चुनावी रणनीति का हिस्सा बन चुका है. कल ईद के मौके पर मंदिर -मस्जिद का रंग देखने को मिला. ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईद के मौके पर बीजेपी के घुसपैठिए वाले मुद्दे पर अबतक का सबसे बड़ा पलटवार किया. ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में ममता ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठिया बता दिया. ये वही मुद्दा है जिस पर पीएम मोदी लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. ममता के बयान पर बीजेपी ने हार की हताशा में दिया गया बयान बताया. वहीं बीजेपी ने भी बंगाल में अपने वोटरों को मैसेज दिया है. शुभेंदु अधिकारी कालीघाट मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और मां काली से आशीर्वाद मांगते हुए कहा कि बंगाल में घुसकर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बहुत अत्याचार किया है. बंगाल में अगले महीने दो चरण में वोटिंग होनी है. ऐसे में जैसे-जैसे तारीख नजदीक आएगी, बयान और भी तीखे होंगे और सियासी चालें और भी पेचीदा. लेकिन सवाल ये कि क्या बंगाल मंदिर-मस्जिद की राजनीति से बाहर निकल पाएगी. इस बार बंगाल में किस पार्टी की नैरेटिव का सिक्का चलेगा. बीजेपी-टीएमसी की आमने-सामने की लड़ाई में आखिर कांग्रेस और कभी 34 साल तक लगातार सरकार में रहने वाली लेफ्ट क्या कर रही है.

दिल्ली में जद (यू) के पूर्व नेता केसी त्यागी ने रविवार को राष्ट्रीय लोक दल जॉइन कर लिया. उन्होंने जयंत चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. इससे पहले मंगलवार को उन्होंने बिना कारण बताए जद (यू) से इस्तीफा दिया था. 2003 से पार्टी से जुड़े त्यागी महासचिव, प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं.

पंजाब की मान सरकार की 'एकमुश्त निपटान स्कीम' को व्यापारियों का भारी समर्थन मिला है. पुराने टैक्स बकाये के जरिए अब तक सरकारी खजाने में 111.16 करोड़ रुपये आ चुके हैं. हालांकि, इस राहत का फायदा सिर्फ 31 मार्च तक ही उठाया जा सकता है. इसके बाद सरकार नरम रुख छोड़कर सख्त एक्शन लेगी और करीब 8,000 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 23वां दिन है. अब ये जंग परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंच गई है. एक दिन पहले इजरायल ने नतांज में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को टारगेट किया, जिसके जवाब में ईरान ने डिमोना और अराद शहरों पर भीषण हमला कर दिया. ईरान के ये हमले युद्ध को और भीषण बना सकते हैं क्योंकि अब इजरायल तेहरान में लगातार कई ठिकानों को निशाना बना रहा है. नेतन्याहू ने इस समय को इजरायल के अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई का एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव बताया है. वहीं ईरान दावा कर रहा है कि डिमोना और अराद पर हमले के बाद युद्ध का पूरा समीकरण बदल गया है.

विश्व जल दिवस पर 'जल है तो कल है' जैसे नारे सुनने में तो अच्छे लगते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत आज भी बहुत कड़वी है. सरकारी कागजों में 'हर घर जल' के बड़े-बड़े दावे तो दिखते हैं, पर असलियत में आज भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर-दूर तक पैदल चलना पड़ रहा है. कई परिवारों को तो पानी के लिए खुद कुएं तक खोदने पड़ रहे हैं. जब तक पानी के लिए यह जानलेवा संघर्ष और लंबी कतारें खत्म नहीं होतीं, तब तक ये जल दिवस सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख बनकर ही रह जाएगा.







