
60 साल बाद फिर न्यूक्लियर टेस्ट करने जा रहा चीन! सैटेलाइट तस्वीरों से खुली पोल... आखिर क्या है ड्रैगन की मंशा?
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चीन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन लंबे वक्त बाद फिर से परमाणु हथियारों का परीक्षण करने की तैयारियां कर रहा है. चीन के शिनजियान में स्थित लोप नूर न्यूक्लियर टेस्ट फैसिलिटी में संदिग्ध गतिविधियां दिखी हैं.
क्या चीन फिर से परमाणु हथियारों का परीक्षण करने जा रहा है? इसकी आशंका कुछ सैटेलाइट तस्वीरें सामने आने के बाद लगाई जा रही है. चीन के शिनजियान में स्थित लोप नूर न्यूक्लियर टेस्ट फैसिलिटी में गतिविधियां होती नजर आ रही हैं. तस्वीरों से अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन जल्द ही परमाणु परीक्षण करने की फिराक में है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन कुछ बैलिस्टिक, ड्रोन और जहाज से लॉन्च किए जाने वाले परमाणु हथियार बना रहा है जो उसकी तेजी से बढ़ती मिसाइल शक्ति में इजाफा करें. यह रिपोर्ट इंटेलिजेंस एक्सपर्ट डॉ. रेनी बेबयार्ज द्वारा दिए गए सबूतों पर आधारित है, जो पहले पेंटागन के लिए काम करते थे. उन्होंने लोप नूर की सैटेलाइट इमेजेज की स्टडी में कई साल बाद वहां होने वाली गतिविधियों के सबूत दिए हैं. बता दें कि चीन ने 16 अक्टूबर, 1964 को यहीं पर अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था.
चीन ने खारिज की रिपोर्ट चीन ने NYT की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया और इसे बेबुनियादी बताया है. यह पहली बार नहीं है जब चीन के परमाणु परीक्षण की खबरें सामने आई हों. अप्रैल 2020 में भी अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन ने गुप्त निम्न-स्तरीय भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट किए होंगे. उस समय, चीन ने कहा था कि वह परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने और हथियार नियंत्रण पर संधियों की प्रतिबद्धताओं को सक्रिय रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिका के झूठे आरोप खंडन करने लायक नहीं हैं. रिपोर्ट यह भी दावा किया गया है कि यहां साल 2017 तक कुछ इमारतें थी. जिन्हें अब आत्याधुनिक बिल्डिंग में बदल दी हैं. इसकी नई संरचनाओं में मिट्टी के ढेर और बिजली रोकने वालों बंकर भी शामिल हैं जो इसको विस्फोटकों से बचाएंगे. साथ ही एक गहरा कुआं खोदने की तैयारियां की जा रही हैं.
2028 तक हथियारों का जखीरा बना लेगा चीन? मॉन्टेरी में मिडलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास एक दशक पहले 50 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं, लेकिन वो 2028 तक 1,000 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर तैनात कर लेगा, जिसमें कम से कम 507 परमाणु-सक्षम लॉन्चर शामिल हैं.
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